PM के एक बयान से बदल गया सपा का नारा? लोकसभा चुनाव के बीच अखिलेश ने लिया बड़ा फैसला!


लखनऊ। राजस्थान स्थित बांसवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान की सियासी हलकों में जमकर भर्त्सना हो रही है जिसमें उन्होंने मुस्लिमों को लेकर टिप्पणी की है। विपक्ष ने उनके बयान को लेकर चुनाव आयोग तक से शिकायत कर दी है। अब उनके इस बयान पर समाजवादी पार्टी ने अपना नारा बदलने के संकेत दिए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक बयान जारी किया। इस बयान में एक ओर जहां उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का बचाव किया, वहीं भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला। इसके अलावा इसी बयान में अखिलेश ने सपा का नारा बदलने के संकेत भी दिए। सपा प्रमुख ने अपना बयान जारी किया और आखिरी में लिखा- कभी नहीं चाहिए भाजपा इससे पहले सपा प्रमुख जो भी पोस्ट या बयान जारी करते थे उसमें लिखते थे नहीं चाहिए भाजपा। हालांकि हालिया बयान में अखिलेश द्वारा कभी नहीं भाजपा लिखने से यह संकेत मिल रहे हैं कि बीच लोकसभा चुनाव सपा ने अपना नारा बदल दिया है। लोकसभा चुनाव शुरू होने से पहले ही अखिलेश और समाजवादी पार्टी द्वारा सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक, एक्स पर जो बयान या प्रतिक्रिया दारी की जाती थी, उसमें लिखा जाता था- नहीं चाहिए भाजपा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश की संपत्ति उन लोगों को बांट देगी जिनके अधिक बच्चे हैं। राजस्थान के बांसवाड़ा में एक रैली के दौरान, प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश की संपत्ति को घुसपैठियों और जिनके अधिक बच्चे हैं। उनके बीच वितरित किया जा सकता है। वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि अल्पसंख्यक समुदाय को देश के संसाधनों तक प्राथमिकता से पहुंच मिलनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा था, कांग्रेस के घोषणापत्र से संकेत मिलता है कि वे माताओं और बहनों की सोने की संपत्ति का मूल्यांकन करने, उसके बारे में जानकारी इकट्ठा करने और बाद में उस संपत्ति को वितरित करने की योजना बना रहे हैं। वे इसे किसे वितरित करेंगे? मनमोहन सिंह के प्रशासन ने जोर देकर कहा था कि मुसलमानों को देश की संपत्ति तक पहुंचने में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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