नोएडा। पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य और होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। बरेली में तैनात PCS ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के बीच चल रहे विवाद में महोबा के होमगार्ड जिला कमांडेंट मनीष दुबे पर कभी भी गाज गिर सकती है। होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे पर कार्रवाई करने के लिए शासन ने जांच रिपोर्ट का परीक्षण शुरू कर हो गया है। ज्योति मौर्य और होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे की सोशल मीडिया पर वायरल चैट सामने आने के बाद डीजी होमगार्ड ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। ज्योति मौर्य के साथ अफेयर और मनीष दुबे पर लगे गंभीर आरोपों की जांच पूरी हो गई है। जांच में होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे दोषी पाए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर मनीष दुबे पर एफआईआर और निलंबन की सिफारिश की गई है। जांच में सामने आया था कि दुबे मोबाइल पर ज्योति से उसके पति आलोक को रास्ते से हटाने की बात कह रहे हैं। पूछताछ में मनीष दुबे ने कहा कि वह तलाक की बात कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल चैट में ज्योति मौर्य के सफाईकर्मी पति आलोक को रास्ते से हटाने की बात की जा रही है। दरअसल, ज्योति मौर्य के पति आलोक ने डीजी होमगार्ड से शिकायत की थी। इस शिकायत में आलोक ने हत्या की आशंका जताई थी। आलोक ने आरोप लगाते हुए कहा था कि पत्नी ज्योति मौर्य और होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे मिलकर मेरी हत्या की साजिश रच रहे हैं।
एसडीएम ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य के साथ विवादों में घिरे होमगार्ड जिला कमांडेंट मनीष दुबे पर आरोप है कि वो आलोक को रास्ते से हमेशा के लिए हटाने की साजिश रच रहे थे। वायरल चौट के अनुसार, होमगार्ड जिला कमांडेंट मनीष दुबे एसडीएम ज्योति मौर्य को मैसेज लिखते हैं कि श्श्मैं ये कहना चाह रहा था कि क्यों ना बीच से उसे हटा दें हमेशा के लिए, जो बार-बार हम लोगों को डिस्टर्ब कर रहा है। इस पर ज्योति मौर्य लिखती है कि आलोक को। मनीष दुबे रिप्लाई करता है कि हां, कहानी खत्म कर दें उनकी।
इस प्रकरण की जांच कर रहे डीआईजी संतोष कुमार को ज्योति मौर्या के पति आलोक मौर्या ने कुछ कॉल रिकॉर्डिंग दी थी। इनमें से एक रिकॉर्डिंग में ज्योति और मनीष आपस में आलोक को रास्ते से हटाने, ठिकाने लगाने, कहानी खत्म करने... जैसे शब्द बोलते पाए गए हैं। जब मनीष से इस बारे में पूछताछ की गई तो उसने कहा कि वे आलोक से तलाक लेने की बात कह रहे थे। हालांकि डीआईजी ने इस बातचीत को बेहद गंभीर प्रकरण मानते हुए पुलिस से जांच कराने की संस्तुति की है। इसका मुकदमा दर्ज होने पर ज्योति और मनीष के मोबाइल फोन, सीडीआर इत्यादि की गहनता से पड़ताल की जाएगी।

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