प्रयागराज। पुलिस को शक है कि 50 हजार की इनामी माफिया अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन भी दिल्ली में ही है। शाइस्ता की तलाश में पुलिस ने प्रयागराज, कौशाम्बी और लखनऊ में दर्जनों जगह दबिश दी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। तेजतर्रार बनने वाले एसटीएफ और पुलिस अफसरों की विफलता का आलम यह है कि शाइस्ता ही नहीं, उसके साथ चलने वाली लापता महिलाओं का भी कोई सुराग नहीं लग सका है। अतीक के मजबूत तंत्र के आगे पुलिस सिर्फ दिखावे के दावे कर रही है। माफिया अशरफ के साले व एक लाख के इनामी सद्दाम और जैनब की तलाश में दिल्ली में शुक्रवार को कई जगह दबिश दी गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में है कि दोनों किस मोबाइल नंबर का प्रयोग कर रहे हैं। पुलिस को पूरी आशंका है कि सद्दाम और उसकी बहन जैनब साथ में ही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि शाइस्ता ने भी दिल्ली में ही कहीं शरण ली है। यहां से गई पुलिस टीम ने दिल्ली पुलिस की भी मदद ली है।
उमेश पाल की हत्या के षड्यंत्र के आरोपी सद्दाम पर पुलिस ने एक लाख का इनाम रखा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उमेश की हत्या से पहले ही सद्दाम दुबई भाग निकला था। बाद में हत्याकांड के षड्यंत्र में उसकी भूमिका सामने आई तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। इसी दौरान सद्दाम ने सोशल मीडिया पर अपने कई फोटो वायरल किए, जिसमें वह दुबई में दिख रहा था। कुछ दिन पहले पुलिस को पता चला कि वह पिछले हफ्ते वापस भारत आ गया है। उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली तो पुलिस की एक टीम रवाना हो गई।
इस बीच, खबर आई कि सद्दाम ने अपनी बहन जैनब से एक मॉल में मुलाकात की थी। प्रयागराज पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से उस मॉल के सीसीटीवी फुटेज जुटाएं हैं। इस फुटेज में नकाब पहने तमाम महिलाएं दिख रही हैं। जैनब और शाइस्ता भी बुर्का पहनती हैं। इनकी तस्दीक के लिए कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों ने महिला टीम के साथ शुक्रवार को पुरानी दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाकों के साथ-साथ कई अपार्टमेंट में भी दोनों की तलाश की। दिल्ली में ये लोग किसकी मदद ले सकते हैं, इसे पता किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस जल्द इनकी गिरफ्तारी करेगी।
पूरामुफ्ती के हटवा का रहने वाला सद्दाम 10 साल पहले तक बेहद सामान्य परिवार का था। उसका एक भाई अध्यापक है। अशरफ की जब जैनब से शादी हुई तो उसके दो भाई सऊदी अरब में रहकर काम करते थे। अशरफ से रिश्तेदारी के बाद सद्दाम के परिवार के दिन बदल गए। सभी लोग जमीन के धंधे में कूद गए। सद्दाम तो अशरफ के लिए वसूली का काम करने लगा। देखते ही देखते सद्दाम करोड़पति हो गया। 2020 में अशरफ के जेल जाने के बाद सद्दाम ही अशरफ का पूरा काम देखने लगा। अशरफ और जैनब का निकाह 2013 में बेहद साधारण तरीके से मस्जिद में हुआ था। निकाह भले ही साधारण तरीके से हुआ था, लेकिन समर्थकों ने मस्जिद के बाहर हजारों राउंड फायर किया था। बताते हैं कि फायरिंग के कारण पूरी गली खोखों से भर गई थी।

0 Comments