बड़हलगंज के मुक्तिधाम पर किया जाएगा अंतिम संस्कार
बुधवार की सुबह उनका शव दर्शनार्थ हाता परिसर में रखा जाएगा। इसके बाद बड़हलगंज स्थित गांव टांडा ले जाया जाएगा। वहां से शव को नेशनल इंटर कॉलेज में दर्शनार्थ रखा जाएगा। इस कॉलेज के वे प्रबंधक भी रहे हैं। बड़हलगंज स्थित मुक्तिधाम पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि पूर्वांचल के ब्राह्मणों में अच्छी पैठ रखने वाले पंडित हरिशंकर तिवारी ऐसी शख्सियत थे, जो पांच बार कैबिनेट मंत्री रहे। सूबे में किसी भी राजनीतिक दल की सरकार आई, उसने अपनी कैबिनेट में उन्हें जगह दी। छह बार विधायक रहे तो पांच बार उन्हें कैबिनेट मंत्री बनने का मौका मिला था।
हरिशंकर तिवारी ने पहला चुनाव 1985 में निर्दलीय लड़ा था, फिर अलग-अलग राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़कर जीतते रहे हैं। तीन बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते व यूपी सरकार में मंत्री भी बने थे। 2007 के चुनाव में बसपा ने राजेश त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतार दिया था। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश कुमार मिश्र ने पंडित हरिशंकर तिवारी के निधन पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ’विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के एक सदस्य के रूप में तिवारी जी ने विश्वविद्यालय के विकास में महती योगदान दिया था। ईश्वर उन्हें अपने निकट स्थान दें’।

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