पूर्व सीएम कल्याण सिंह के गढ़ अतरौली में बीजेपी की हार...

बाबूजी के किले में सपा ने लगाई सेंध!


लखनऊ।
यूपी के अलीगढ़ में बीजेपी ने भले ही नगर निगम की सीट पर कब्जा कर इतिहास रचा हो लेकिन यूपी के पूर्व सीएम और बीजेपी के दिग्गज नेता रहे कल्याण सिंह के गढ़ अतरौली में हार का सामना करना पड़ा है। हैरानी की बात ये है कि अतरौली से खुद बेसिक शिक्षा मंत्री व कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह विधायक हैं लेकिन वह भी अपने प्रत्याशी को जीत नहीं दिला सके। इस सीट पर सपा उम्मीदवार वीरेंद्र सिंह लोधी ने बीजेपी उम्मीदवार और निवर्तमान चेयरमैन पवन वर्मा को हराया है।

अलीगढ़ की अतरौली नगर पालिका सीट पर कल्याण सिंह ही नहीं संदीप सिंह व उनके पिता एटा सांसद राजवीर सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई थी। हालांकि जनता ने इनकी लोकप्रियता को छोड़ सपा प्रत्याशी पर विश्वास जताया है। बीजेपी की हार को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं लेकिन सबसे बड़ी वजह यहां पर लोधी समजा के वोटों का बंटवारा है। क्योंकि अतरौली में लोधी समाज को वोट बैंक अधिक हैं और इस चुनाव में सपा को लोधी वोट बैंक के साथ मुस्लिम वोट बैंक भी मिला है।

बता दें कि पूर्व सीएम कल्याण सिंह के निधन के बाद पहला निकाय चुनाव था और बीजेपी का अतरौली में दूसरी बार नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी का सपना था। हालांकि लोधी समाज के वोट बैंक के बिखराव के कारण बीजेपी को जीत नहीं मिल सकी। हैरानी की बात तो ये है कि इस सीट पर पांच प्रत्याशियों में से चार प्रत्याशी लोधी समाज के ही थे। इस सीट पर जीत के लिए ही बीजेपी ने पवन वर्मा को फिर से टिकट दी थी और खुद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी चुनावी सभा की थी। डिप्टी सीएम ने अपनी चुनावी सभा में कहा था कि अगर यहां से विपक्षी जीत गए तो वह गाएंगे कि बाबूजी के गढ़ में हरा दिया।

Post a Comment

0 Comments