यूपी निकाय चुनाव में कैसा रहा 'राजा भैया' का हाल, जानें- कुंडा में किसने मारी बाजी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए विपक्ष का लगभग सूपड़ा साफ कर दिया है। 17 के 17 नगर निगमों में बीजेपी ने अपना परचम लहराया है। नगर पंचायत और नगर पालिका में बीजेपी ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं। चुनाव में सीटें जीतने के मामले में दूसरे नंबर पर सपा रही। हालांकि प्रतापगढ़ जिले के कुंडा में इस बार भी राजा भैया का जलवा कायम रहा।

कुंडा नगर पंचायत में राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रत्याशी के सामने सपा, बसपा, बीजेपी कोई नहीं टिक पाया। कुंडा नगर पंचायत राजा भइया की पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ीं ऊषा त्रिपाठी ने सर्वाधिक 7734 वोट हासिल किए और प्रतिद्वंदियों को धूल चटा दी। उनका सबसे करीबी मुकाबला समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी सीमा यादव से था, जिन्हें इस चुनाव में 4932 वोट हासिल हुए। सीमा राजा भैया के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने वाले गुलशन यादव की पत्नी हैं।

कुंडा नगर पंचायत में बीजेपी तीसरे नंबर की पार्टी रही। बीजेपी की प्रत्याशी सुमन साहू को यहां पर 1575 वोट मिले जबकि बसपा की रन्नो देवी यहां पांचवें नंबर पर रहीं। कुंडा में राजा भैया का जो भौकाल है उसके आगे अच्छे-अच्छे नहीं टिक पाते। राजा भैया ने कुंडा विधानसभा सीटे से साल 1993 में महज 25 साल की उम्र में चुनाव जीता था और उसके बाद से वह इस सीट पर अजेय रहे हैं।

अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए राजा भैया ने जमकर प्रचार किया था। चुनाव प्रचार के दौरान राजा भैया ने पार्टी की प्रत्याशी ऊषा के समर्थन में आयोजित जनसभा में विपक्ष पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि कुंडा में जनसभा करने की किसी दल की हिम्मत नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा था कि शेर कभी शिकार करना नहीं छोड़ता और दूसरी बात ये कि शेर कभी कुत्ते का शिकार नहीं करता। नगर निकाय चुनाव में राजाय भैया की पार्टी ने तीन प्रत्याशी उतारे थे। राजा भैया ने 2019 में इस पार्टी का निर्माण किया था, वर्तमान में इस पार्टी के दो विधायक और एक एमएलसी है।

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