जीत के बावजूद निकाय चुनाव के ये आंकड़े कर देंगे परेशान!
2024 के लिए बीजेपी ने भले ही मिशन 80 का लक्ष्य रखा है निकाय चुनाव के नतीजों से पार्टी उत्साहित हो लेकिन इन 16 जिलों में कहीं न कहीं बीजेपी के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है क्योंकि यहां जितनी भी नगरपालिका हैं वहां बीजेपी को कहीं पर भी जीत का स्वाद चखने को नहीं मिला है। इन 16 जिलों की अगर बात करें तो आगरा की 5 नगरपालिका, आजमगढ़ में 3 नगरपालिका, इटावा में तीन नगरपालिका, कानपुर नगर में दो नगरपालिका, फर्रुखाबाद में दो नगरपालिका, बस्ती में एक नगरपालिका, बाराबंकी में एक, भदोही में एक, मऊ में एक, मुरादाबाद में दो, महाराजगंज में दो, रायबरेली में एक, श्रावस्ती में एक, संत कबीर नगर में एक, अयोध्या में एक नगर पालिका है लेकिन इन सभी पर बीजेपी का खाता नहीं खुल सका।
हालांकि आगरा, कानपुर, मुरादाबाद, अयोध्या इन सभी नगर निगमों में बीजेपी की मेयर ही जीता है। लेकिन यहां की नगरपालिकाओं में बीजेपी को मात मिली है। जाहिर सी बात है 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कहीं न कहीं यह पार्टी की चिंता बढ़ाने वाला है, लेकिन पार्टी के लोग कह रहे हैं कि बीजेपी 2024 में सभी 80 सीटें जीतेगी।बीजेपी ने 17 नगर निगमों में जीत तो हासिल की लेकिन 16 जिलों की नगरपालिका अध्यक्ष में उसे एक भी सीट नहीं मिली. वहीं कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां नगर पंचायत अध्यक्ष सीट पर भी बीजेपी जीतने में कामयाब नहीं हो पाई।
गाजियाबाद में 4 नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट है बीजेपी वहां एक भी सीट नहीं जीत पाई। बागपत में छह नगर पंचायत अध्यक्ष सीट पर बीजेपी एक भी नहीं जीत पाई। मुजफ्फरनगर में आठ नगर पंचायत अध्यक्ष पर बीजेपी का खाता नहीं खुला। मिर्जापुर में एक नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट पर बीजेपी नहीं जीत पाई। रामपुर की 6 नगर पंचायतों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। श्रावस्ती की एक और हापुड़ की एक नगर पंचायत अध्यक्ष बीजेपी नहीं जीत पाई। जाहिर है हर एक चीज की बारीकी से समीक्षा करने वाली और चुनाव से पहले बड़ी रणनीति बनाने वाली बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जब इन नतीजों की समीक्षा करेगी तो उसके बाद हो सकता है कि पार्टी कुछ कड़े और बड़े फैसले भी ले।

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