मौत के बाद आयशा बी को मिली भारी मतों से जीत!
एक साल पहले शादी के बंधन में बंधी आयशा बी की वार्ड के लोगों ने तारीफ की है। उनका कहना है कि लोगों के दिलों में जिंदा रहने की वजह आयशा बी का व्यवहार है। आयशा बी की शादी दूध की डेयरी चलानेवाले मुन्तजीब अहमद से हुई थी। मुन्तजीब अहमद पेशे से एडवोकेट भी हैं। वार्ड 17 का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया था। सभासदी के चुनाव से पहले आयशा बी राजनीति में नहीं थीं। उन्होंने 16 अप्रैल को नामांकन दाखिल कराया था।
वार्ड वासी चहेती प्रत्याशी के निधन से शोक में हैं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मतदाताओं का कहना है कि दिवगंत आत्मा की शांति के लिए मताधिकार का प्रयोग किया है। वार्ड वासियों ने बताया कि आयशा बी का व्यवहार बहुत बड़ी पूंजी थी। मतदाताओं ने एकजुट होकर आयशा बी के पक्ष में मतदान किया। बता दें कि निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 मई को हुआ था।

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