यूपी में निकाय चुनाव लड़ने की योग्यता क्या है? आप भी कर रहे हैं तैयारी तो जान लीजिए..



लखनऊ। प्रदेश में निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर गठित पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद कैबिनेट ने आय़ोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी थी। वहीं, अब राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों में जुट गई हैं और उन्हें चुनाव आयोग की तरफ से की जाने वाली घोषणा का इंतजार है। यूपी में 760 नगर निकायों पर चुनाव होने हैं। इसमें मेयर, नगर पालिका-नगर पंचायत अध्यक्ष और पार्षद की सीट शामिल हैं। आइए जानते हैं इनका चुनाव किस प्रकार होता है और क्या हैं इसके लिए जरूरी योग्यता!

किसी भी चुनाव को लड़ने के लिए सबसे पहली पात्रता उम्र से जुड़ी होती है। नगर निकाय चुनाव लड़ते वक्त किसी उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। इससे कम उम्र का व्यक्ति नामांकन दाखिल नहीं कर सकता। अगर किसी ने आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है तो उसे नामांकन दाखिल करते वक्त अपना जाति प्रमाण पत्र दिखाना होगा। इसके साथ ही उस पर नगर पालिका और नगर पंचायत का एक साल का टैक्स बकाया न हो। नामांकन दाखिल करने के दौरान टैक्स बकाया का बिल भी लगाना जरूरी होता है।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी उम्मीदवार को अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का ब्यौरा देना होता है। इसके साथ ही संपत्ति और देनदारियों की भी जानकारी देनी होती है। अगर किसी व्यक्ति को दिवालिया घोषित कर दिया गया हो तो वह चुनाव लड़ने के योग्य नहीं होता। चुनाव लड़ते वक्त उम्मीदवार ने अगर कोई लाभ का पद धारण कर रखा हो और अपनी जानकारी छुपाई हो तो नामांकन रद्द कर दिया जाता है। यानी नामांकन के वक्त वह व्यक्ति राज्य और केंद्र सरकार के दफ्तर में किसी भी पद पर कार्यरत न हो. साथ ही अगर उस व्यक्ति को भ्रष्टाचार के कारण बर्खास्त कर दिया गया हो तो भी वह चुनाव लड़ने की योग्यता नहीं रखता।

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