यह बात युवती के भाई नितिन एवं अंकित को नागवार गुजरी। इन लोगों ने अरुण को सबक सिखाने का मन बना लिया। दारू पार्टी के नाम पर 12 दिसंबर को अरुण को एक घर में बुलाया गया। यहां पहले से नितिन एवं अंकित समेत नंदराम, उसकी पत्नी मीना, विकास, विशाल, ऋतिक, चंदू एवं राहुल मौजूद थे। अरुण के पहुंचने पर सब ने पहले शराब पी। इसके बाद सभी ने अरुण को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। अरुण छोड़ने की गुहार लगाता रहा लेकिन, किसी का दिल नहीं पसीजा। रात दस बजे से लेकर भोर पांच बजे तक लाठी-डंडों और लात-घूसों से उसकी पिर्टाई करते रहे।
आखिरकार गहरी चोट आ जाने से उसकी मौत हो गई। एसएसपी राजेश एस के मुताबिक अरुण के भाई छोटू की तहरीर पर सभी नौ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं पुलिस का कहना है पांच आरोपियों को हिरासत में लिया गया है शेष की तलाश की जा रही है।
आठों आरोपियों ने अरुण को शुक्रवार भोर तक पीटा। उसके कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। हत्यारों ने अरुण की लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई लेकिन तब तक सुबह हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने लाश को कमरे में बंद कर दिया और वहीं मुर्गा पका कर रात भर दारू पार्टी करते रहे। मौका देखकर शनिवार सुबह एक गाड़ी में भरकर उसका शव उनाव में नदी में फेंककर भाग निकले। इसके बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। उधर, नदी से शव बरामद होने के बाद अरुण की शिनाख्त हो गई। मध्य प्रदेश पुलिस ने उसके लाश मिलने की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाली पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई। दो पुलिस टीम लगाई गई। टीम सिरे से सिरा जोड़ते हुए कातिलों तक जा पहुंची।

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