बीजेपी सांसद ने कहा, “मैंने पूरा उत्तर प्रदेश घूमा है क्योंकि अकसर अखबरों में लेख लिखते रहता हूं। आपने पढ़े भी होंगे मैंने एक दिन सोचा कि वो कौन से आर्थिक मानक हैं। जिसके अंतर्गत एक किसान या फिर आम आदमी आ जाए। आखिर क्यों वो आत्महत्या करने पर मजबूर होता है। उस समय शायद अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। मैंने उनको एक चिट्ठी लिखी थी। मैंने कहा था कि मान्यवर इसमें कोई राजनीति नहीं है.।
वरुण गांधी ने कहा, “लेकिन अगर मुझे प्रशासन से जानकारी मिल जाए कि पूरे उत्तर प्रदेश में कितने लोग हर जिले में इस मानक के अंतर्गत आएं. उन्होंने बड़ा मन दिखा कर सारे अधिकारियों को बोला कि इसमें कोई राजनीति नहीं है। इनकी मदद करिए, ये कुछ करना चाहते हैं। जिसके बाद हमने करीब 42 हजार लोगों की सूची पाई। उसके बाद मैंने सोचा कि इतना बड़ा काम शायद मैं अकेले नहीं कर पाऊंगा.।तब मैंने सोचा कि ये काम कैसे हमलोग कर सकते हैं।“
पीलीभीत के सांसद ने आगे कहा, “हमने शुरूआत बिजनौर जिले से की। हम मुरादाबाद गए। फिर अलीगढ़ गए, हाथरस गए और ऐसे ही घूमते घूमते गोरखपुर चले गए। हमने वहां के रइस लोगों से प्रार्थना की कि आपलोग आगे आएं.“ ऐसे में वरुण गांधी का कहना है कि परेशान किसानों के लिए कुछ करने में अखिलेश यादव ने उनकी मदद की। जिसके बाद अब वरुण गांधी के कांग्रेस के अलावा सपा से नजदीकियों की चर्चा तेज हो गई है।

0 Comments