लखनऊ। पीएम नरेंद्र मोदी की नई टीम में यूपी बीजेपी के कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है। हालांकि फेरबदल से पहले ही कुछ नामों पर अटकलें शुरू हो गई हैं। दरअसल, नई टीम और कैबिनेट में फेरबदल को लेकर पार्टी में मंथन का दौर शुरू हो गया है। इस बार फेरबदल में राजस्थान और मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव का खास ध्यान रखे जाने की उम्मीद है. लेकिन इस बीच यूपी बीजेपी से किन नेताओं को फिर मौका मिल सकता है इसकी चर्चा जोरों पर है।
अभी यूपी से बीजेपी और सहयोगी मिलाकर लोकसभा में 66 के अलावा राज्यसभा में 22 सांसद हैं। इनमें से करीब 15 सांसद अभी केंद्रीय मंत्रीमंडल में मंत्री हैं। इसमें पीएम मोदी का भी नाम शामिल है। पिछली बार मंत्रीमंडल विस्तार में पार्टी का जोर यूपी से ओबीसी चेहरों पर रहा है। इस बार भी उन्हें ही प्रमुखता मिलने की संभावना है। लेकिन मौजूदा मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उनका कद घटाया भी जा सकता है। ऐसा भी संभव है कि कुछ लोगों को पार्टी मंत्री पद से हटाकर संगठन में जिम्मेदारी दी जाए। दूसरी ओर हर बार कि तरह इस बार भी कैबिनेट विस्तार में यूपी के नेताओं के मंत्री बनने और कद घटने की तमाम चर्चाएं चलना आम बात है। सबसे पहले नाम लखीमपुर खीरी से सांसद अजय मिश्रा टेनी पर है। लखीमपुर खीरी कांड के बाद से ही उनके खिलाफ विपक्ष हावी रहा है।
जबकि कई और मौकों पर केंद्रीय मंत्री विवादों पर में नजर आएं हैं। विधानसभा चुनाव के वक्त भी पत्रकार से अभद्रता का मामला काफी तूल पकड़ा था। इसके अलावा पंकज चौधरी, भानुप्रताप वर्मा, बीएल वर्मा और कौशल किशोर ऐसे मंत्री हैं जिनका रिपोर्ट कार्ड काफी कुछ तय करेगा। अगर नए मंत्रियों की बात करें तो पूर्वांचल से एक दो नए चेहरों को मंत्रीमंडल में जगह मिल सकती है, इनमें बस्ती के सांसद हरीश द्विवेदी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. इसके अलावा पश्चिमी यूपी से भी कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

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