आजमगढ़ से विशेष लगाव रखते थे सामाजिक न्याय के योद्धा शरद यादव

मेहता पार्क में पहली बार 1974 में गरीबों की आवाज को किया था बुलंद, निधन से चहुंओर शोक की लहर 



Mj Vivek
आजमगढ़। भारतीय राजनीति में करीब 50 साल तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सामाजिक न्याय के बड़े योद्धाओं में शुमार शरद यादव का गुरूवार की देर शाम निधन हो गया। आज की पीढ़ी को उनके राजनीतिक योगदान और उनके कद का अंदाजा भले ही न हो, लेकिन गैर कांग्रेसी सरकारों में वे पावरकुल नेता माने जाते रहे है। मध्यप्रदेश के एक मध्यवर्गीय परिवार से निकल कर अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले शरद यादव पहली बार 27 साल की उम्र में होशंगाबाद से सांसद चुने गए।

सांसद बनने के बाद आजमगढ़ में पहली बार उनका कदम शहर के मेहता पार्क में 1974 में पड़ा था। इस कार्यक्रम में ही मेहता पार्क का नाम बदल कर अंबेडकर पार्क करने का प्रस्ताव पारित हुआ था। दूसरी बार लोक दल के कार्यक्रम के दौरान अतरौलिया में आए थे। दरअसल, उस समय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ.चरण सिंह व प्रदेश अध्यक्ष मुलायम सिंह थे। अतरौलिया पुलिस लोक दल के एक कार्यकर्ता का उत्पीड़न कर रही थी। उसी के समर्थन में लोक दल ने थाने का घेराव किया था। उस में शामिल होने के लिए आए थे।

वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधान मंत्री वीपी सिंह ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू किया था। तब शरद यादव ने मंडल समर्थन रथ लेकर गोरखपुर से चल कर आजमगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने तीन मीटिंग दोहरीघाट, जीयनपुर और आजमगढ़ में भारी विरोध के बाद भी गरीबों, पिछड़ों की आवाज को बुलंद किया था। चौथी बार 1996 में जजी के मैदान में कांग्रेस सरकार के विरोध में जनता रैली का आयोजन किया गया था। इस रैली में चौ. चरण सिंह, चौ. देवीलाल व मुलायम सिंह यादव सहित कई बड़े नेताओं के साथ शामिल हुए थे।

वर्ष 2000 में राजग में रहते हुए फ्री फाइट की घोषणा करते हुए उन्होंने यूपी के सभी विधानसभा सभा में जनता दल यू के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। तब आजमगढ़ के मेहनगर, लालगंज, फूलपुर, अतरौलिया, सदर, सगड़ी, गोपालपुर, निजामाबाद, दीदारगंज (सरायमीर), मुबारकपुर में जमकर दौरा किया था। आजमगढ़ के ज्ञान प्रकाश दूबे, राज मंगल सिंह, विनोद लाल, राम चन्दर यादव, जुल्फीकार बेग, फागू चैहान व दुर्गा प्रसाद यादव उनके काफी करीबी रहे है। एक बार राज मंगल सिंह के अचानक कमरे पर पहुंच कर उन्होंने सबको चौका दिया था। वहीं दैनिक देवव्रत के प्रधान संपादक विजय कुमार यादव द्वारा कार्यालय पर आयोजित भोज कार्यक्रम में भी शामिल होने आए थे।

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