याचिका पर सुनवाई कल, बजरंगबली को दलित बताने का मामला
उन्होंने अपने आदेश में लिखा कि घटना स्थल राजस्थान प्रांत के अलवर जिले के मालाखेड़ा का है। मऊ कोर्ट को प्रस्तुत परिवाद को सुनने का क्षेत्राधिकार नहीं है। एसीजेएम ने क्षेत्राधिकार के अभाव में परिवाद को धारा 203 सीआरपीसी के अंतर्गत खारिज कर दिया। तब याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया था। जिसकी सुनवाई बुधवार को जस्टिस समित गोपाल कोर्ट नंबर 66 में होगी। दरअसल, मऊ जिले के दोहरीघाट निवासी याची एडवोकेट नवल किशोर शर्मा ने कोर्ट में याचिका दाखिल किया था।
उनका आरोप है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलवर जिले के मालाखेड़ा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बजरंगबली ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी है, गिरवासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं। इनके इस बयान से परिवादी के धार्मिक भावनाओं को ठेस एवं आघात पहुंचा है। साथ ही इष्ट देव बजरंगबली में श्रद्धा रखने वाले करोड़ हिन्दुओं की आस्था आहत हुई है। हालांकि की मऊ कोर्ट द्वारा दाखिल याचिका खारिज होने के बाद भी याची को हाईकोर्ट से बड़ी उम्मीद है कि यहां जरूर न्याय मिलेगा।

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