फतेहपुर। प्रदेश के अधिकतर विद्यालय में बच्चों को पढ़ने के लिए किताबें नहीं मिली हैं. लेकिन विजयीपुर ब्लाक के एक प्राथमिक विद्यालय के गुरू जी इसी सत्र की किताबें बेंचकर केला खा गए. प्रधानाध्यापक ने गांव पहुंचे कबाड़ के बदले केला बेंचने वाले फेरी दुकानदार को 20 किग्रा पुस्तकें तौल दीं. लेकिन जब दुकानदार फेरी लगाते हुए गांव के अंदर पहुंचा तो इसी सत्र की नई पुस्तकें देखकर एक ग्रामीण उसे रोक लिया तब जाकर मामले का खुलासा हुआ.
दरअसल,चितनपुर मजरे गढ़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्याक हरिशंकर मिश्रा ने नौनिहालों को बांटने के बजाय विद्यालय में रखी नये सत्र की पुस्तकों को केला बेचने वाले कबाड़ी को तौल में दे दिया। उन्होंने इसके बदले में केला खरीद लिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने कबाड़ी के बोरी में नए सत्र की नई पुस्तकें देखा और उन्होंने पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। कबाड़ीवाले ने बताया कि प्रधानाध्यापक हरिशंकर मिश्र ने इन पुस्तकों को देकर बदले में केला मोल लिया है. इस संबंध में गांव के दयाराम पाल, प्रदीप द्विवेदी, अनूप कुमार द्विवेदी, राजमोहन, सुशील द्विवेदी व फूलचंद्र पाल, आदि ने उसको पुस्तकों के साथ लेकर प्रधानाध्यापक के पास विद्यालय पहुंचे लेकिन वहां ताला लटका हुआ था. इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को हुई तो बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया.
विद्यालय में 14 वर्ष पूर्व प्रधानध्यापक की तैनाती हुई थी। तब से विद्यालय में अपना आवास बना कर रह रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्या स्कूल को आवास बनाया जा सकता है। गौरतलब है कि स्कूल परिसर में ही आवास बनाने का मामला विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में क्यों नहीं पहुंची। दुकानदार ने बताया कि रविवार को मास्साब ने 20 किग्रा पुस्तकें देकर केला खरीदा है। इसके पूर्व भी वह करीब 50 किग्रा किताबें तौली थी। उसने बताया कि हमारा तो काम ही कबाड़ खरीदना, अब क्या पता था कि यह जरुरी किताबें हैं. विजयीपुर खंड शिक्षाधिकारी रजनीश श्रीवास्तव ने बताया, बेहद शर्मनाक और गंभीर प्रकरण है. मामले की जांच की जाएगी। सत्यता मिलने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्यवाही तय है. बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने बताया, मामला संज्ञान में आया है. एक एक पुस्तक को लेखा जोखा बीआरसी में रहता है. खंड शिक्षाधिकारी को जांच करने के लिए कहा गया है, सोमवार को रिपोर्ट आते ही कार्यवाही तय की जाएगी.

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