यूपी में इंटर के प्रवक्ता को 5 और सहायक अध्यापकों को रोज 6 पीरियड पढ़ाना जरूरी- नहीं तो मना जाएगा सरप्लस


लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कालेजों में कार्यरत प्रवक्ता को 5 और सहायक अध्यापकों को रोज छह पीरियड पढ़ाना जरूरी होगा. यदि वे इस मानक को पूरा नहीं करते हैं तो सरप्लस माने जाएंगे और उनका समायोजन दूसरे विद्यालयों में किया जाएगा. अब हर विद्यालय में छात्र-छात्राओं के नामांकन के आधार पर विषयवार पदों का निर्धारण होगा. जिस शिक्षक-शिक्षिका ने कार्यरत विद्यालय में सबसे बाद में पद ग्रहण किया, सबसे पहले उसे सरप्लस घोषित किया जाएगा.

जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआइओएस) की ओर से सरप्लस व विषयवार छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की जरूरत का चिन्हांकन करके मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) को भेजने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो रही है. जेडी 28 जुलाई तक का डीआइओएस की ओर से भेजी गई सूचना का परीक्षण करेंगे. 30 जुलाई को सरप्लस शिक्षकों की सूचना प्रकाशित की जाएगी और समायोजन के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उन्हें प्रदर्शित किया जाएगा. अपर शिक्षा निदेशक सरप्लस शिक्षकों का समायोजन आदेश 16 अगस्त को जारी करेंगे.

सरप्लस शिक्षक अपनी ईमेल से आनलाइन तीन विद्यालयों का विकल्प डीआइओएस को पांच अगस्त तक भेजेंगे. डीआइओएस छह अगस्त को आवेदनपत्र जेडी को भेजेंगे. जेडी 10 अगस्त तक आवेदनपत्रों का परीक्षण करके समायोजन प्रस्ताव अपर निदेशक राजकीय को भेजेंगे. महत्वाकांक्षी जिलों व विकासखंडों में भेजे जाएंगे सरप्लस शिक्षक रू स्थानांतरण सत्र में 30 जून तक प्रवक्ता 27 व एलटी के 98 सहित कुल 125 तबादले आनलाइन हुए हैं. महत्वाकांक्षी जिले, विकासखंड व बुंदेलखंड से प्रवक्ता के 13 व एलटी के 41 सहित कुल 54 स्थानांतरण विचाराधीन हैं. समायोजन होने में विचाराधीन स्थानांतरित शिक्षकों के पदों पर सरप्लस शिक्षक भेजे जाएंगे.

सरप्लस घोषित शिक्षकों से मिले विकल्पों के आधार पर तैनाती देने में मानक के आधार पर वरीयताक्रम में रखा जाएगा. राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को 30 अंक, गत बोर्ड परीक्षा वर्ष 2022 में शत प्रतिशत परीक्षाफल रहा हो 25 अंक, पहली नियुक्ति की तारीख से 10 वर्ष की सेवा के बाद हर वर्ष की सेवा पर एक अंक अधिकतम 20 अंक दिए जाएंगे. समायोजन के बाद तय अवधि में शिक्षकों को नवीन तैनाती विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा. समायोजन निरस्त करने की सिफारिश अनुशासनहीनता मानी जाएगी.

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