मिर्जापुर। रेलवे स्टेशन पर रविवार की दोपहर एक मौलवी आठ बच्चों के साथ पकड़ा गया. चाइल्ड लाइन ने बच्चों को शेल्टर होम, सोनभद्र भेज दिया. मौलवी का कहना है कि वह बच्चों को मदरसे में पढ़ाने कर्नाटक ले जा रहा था. जीआरपी और आरपीएफ मामला संदिग्ध मानकर मौलवी से पूछताछ कर रही है. जीआरपी के अनुसार, बच्चों के परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
आरपीएफ प्रभारी दिनेश कुमार रेलवे स्टेशन पर गश्त कर रहे थे. इस दौरान प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर एक मौलवी आठ बच्चों के साथ मिला. बच्चों की उम्र आठ से 12 वर्ष के बीच है. शक होने पर आरपीएफ प्रभारी ने चाइल्ड लाइन के नितिन भार्गव को सूचना दी. इस पर चाइल्ड लाइन की टीम पहुंच गई. जीआरपी भी पहुंच गई. मौलवी के जरिये चाइल्ड लाइन ने बच्चों के परिजनों को सूचना दी. इसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के निर्देश पर चाइल्ड लाइन की टीम बच्चों को लेकर शेल्टर होम सोनभद्र चली गई. आरपीएफ और जीआरपी के अनुसार, मौलवी ने बताया कि वह बिहार के अररिया का रहने वाला है.
बच्चे भी उसी इलाके के हैं. वह कर्नाटक के मदरसे में पढ़ाता है. वह बच्चों को लेकर कर्नाटक जा रहा था. वह सीमाचल एक्सप्रेस से आया था. मिर्जापुर से कर्नाटक जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था. मौलवी के पास कर्नाटक जाने का जनरल टिकट मिला है. मामला संदिग्ध होने पर जीआरपी ने उसे हिरासत में ले लिया. आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि बच्चों के परिजनों के आने तक मौलवी को जीआरपी के हवाले कर दिया गया है. इस संबंध में जीआरी प्रभारी हरिशरण सिंह का कहना है कि बच्चों के परिजनों के आने के बाद तहरीर देने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.

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