आजमगढ़ः दो और स्ववित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता खत्म करने की संस्तुति-डीआइओएस ने बोर्ड को भेजी रिपोर्ट


आजमगढ़। मुख्यमंत्री के सौ दिन के कार्ययोजना में शामिल माध्यमिक शिक्षा विभाग के 4 बिंदुओं पर सूचना न देने वाले 44 स्ववित्तपोषित विद्यालयों का भौतिक सत्यापन राजकीय विद्यालय के प्रवक्ताओं ने की। दो विद्यालय बंद मिले, जिनके मान्यता निरस्त (प्रत्याहरण) करने की संस्तुति की गई है। डीआइओएस ने रिपोर्ट यूपी बोर्ड को भेज दी है। इस प्रकार कार्रवाई की जद में 29 विद्यालय आ गए हैं। अब इन विद्यालयों के प्रबंधकों को माध्यमिक शिक्षा परिषद नोटिस भेजेगा जिसका अभिलेख सहित स्पष्टीकरण ने देने पर कार्रवाई सुनिश्चित कर दी जाएगी। शेष 42 स्ववित्तपोषित विद्यालय प्रबंधकों को आवश्यक सूचना अपलोड करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया हैं।

लापरवाही पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिले में के कुल 753 माध्यमिक विद्यालयों में 23 राजकीय, 97 वित्तपोषित और 633 स्ववित्त पोषित हैं। इनके प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को कई बार नोटिस जारी कर 15 जुलाई तक आवश्यक सूचना देने के निर्देश दिए गए थे जिसमें राजकीय, वित्तपोषित और 606 स्ववित्तपोषित विद्यालयों ने वेबसाइट पर कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं की ई-मेल आइडी, स्कूल में मौजूद संसाधनों की मैपिंग और पेज पर अपलोड करने का कार्य पूरा कर लिया, लेकिन 27 ने रुचि नहीं दिखाई।

17 स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों ने काफी दबाव के बाद अंतिम दिनों में वांछित सूचना पोर्टल पर अपलोड की। जिससे बोर्ड को समय से प्रेषित नहीं की किया जा सका। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों से जुड़ी सूचना देने में 44 स्ववित्तपोषित विद्यालयों के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों उदासीन हैं। इनमें 27 तो बिल्कुल ही रुचि नहीं दिखा पाए। भौतिक सत्यापन में दो विद्यालय बंद मिले, जिनकी मान्यता निरस्त करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट यूपी बोर्ड को भेज दी गई है।

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