सपा की दलित वोटबैंक साधने का मास्टर प्लान - अब हर जिले में बनेगा अंबेडकर-लोहियावादियों का संयुक्त मंच


लखनऊ। सपा ने दलित वोटबैंक को संजोने के लिए निरंतर अभियान चलाएगी। इसकी शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा पर हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ के रिसालदार पार्क स्थित बुद्ध विहार पहुंच कर भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर वंदना की। उन्होंने अंबेडकरवादियों एवं लोहियावादियों को एक मंच पर लाने का संकल्प दोहराया। कहा कि सपा के कार्यकर्ता हर जिले में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इतना ही नहीं वह जल्द ही कुशीनगर भी जाएंगे। इसी तरह वह खास स्थलों पर भी जल्द ही नजर आएंगे।

बुद्ध विहार में विहाराध्यक्ष बौद्ध भिक्षु ज्ञानालोक एवं उनके सहयोगी भिक्षु कौशल बोधि, भिक्षु सुमन रतन आदि से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंत्रणा की। यह आश्वासन दिया कि दलितों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षशील रहेंगे। इसके पीछे सियासी रणनीति है। उनके साथ मौजूद राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी, नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद संजय लाठर, विधायक रविदास मेहरोत्रा, राम सागर यादव ने भी दलितों और पिछड़ों को एक मंच पर लाने की वकालत की। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अनुसूचित जाति, जनजाति, अंबेडकरवाहिनी के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी दलित उत्पीड़न की घटनाएं हों, वहां तत्काल प्रतिनिधि मंडल पहुंचेगा। घटना से संबंधित रिपोर्ट पार्टी मुख्यालय को भी देना अनिवार्य कर दिया गया है। जल्द ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कुशीनगर बौद्ध बिहार पहुंचेंगे। इसके अलावा दलित स्थलों पर उनका कार्यक्रम लगेगा।

सपा सूत्रों का कहा है कि पार्टी के मुख्य कार्यकारिणी के साथ ही फ्रंटल संगठनों में भी दलितों की संख्या बढाई जाएगी। अभी तक अनुसूचित जाति, जनजाति, अंबेडकरवाहिनी में दलितों को शामिल किया गया है। पार्टी की नई कार्यकारिणी में मुख्य कमेटी में भी इनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। इतना ही नहीं विभिन्न दलों के कई दलित नेता और दलित आफिसर भी जल्द ही पार्टी की सदस्यता लेंगे। दलित जातियों में पासी, सोनकर, धोबी आदि जाति सपा और भाजपा दोनों के साथ रही हैं, लेकिन करीब 12 फीसदी भागीदारी वाली जाटव बिरादरी पूरी मजबूती से बसपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के साथ डटा है। समाजवादी पार्टी इस वोटबैंक में सेंधमारी में फिराक में है। वह चाहती है कि इस वोटबैंक के सपा के पाले में आने से उसकी वोटबैंक की गठरी भारी होगी।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में अराजकता को खुली छूट मिली हुई है। लूट, अपहरण, बलात्कार की घटनाएं लगातार हो रही हैं। किसानों को जीप से रौंदा जा रहा है। महिलाओं और मासूम बच्चियों के लिए उत्तर प्रदेश सर्वाधिक असुरक्षित प्रदेश हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय ही पदमुक्त अकर्मण्य डीजीपी का चयनकर्ता था। वहीं सबसे ज्यादा अव्यवस्था है। भाजपा सरकार के वसूलीतंत्र ने समूची पुलिस व्यवस्था को कलंकित कर रखा है। इसका प्रमाण कानपुर की चकेरी पुलिस के बाद अर्मापुर पुलिस की कथित वसूली की फिक्स रेट लिस्ट की चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। उत्तर प्रदेश में दबिश के नाम पर पुलिस घरों में घुस कर महिलाओं से अभद्रता कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कैसी विडम्बना है कि उत्तर प्रदेश में भाजपाई कभी रेप आरोपी को छुड़वाने की पैरवी करते है। कभी छेड़छाड़ के आरोपी को छुड़ाने के लिए कोतवाली में हंगामा करते हैं।

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