झांसी। डेढ़ माह पहले बीएससी द्वितीय वर्ष के भौतिक विज्ञान के सेकंड पेपर लीक केस में पुलिस ने रविवार को बंगरा के श्रीराम कॉलेज के प्रधानाचार्य संजीव श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। वे इस केस में मुख्य आरोपी हैं। पेपर की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी थी, लेकिन प्रधानाचार्य ने अपने स्टाफ मिलकर पेपर लीक करवाया था। अब तक इस केस में करीब 33 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसमें 26 छात्र-छात्राएं हैं। इसके अलावा, श्रीराम महाविद्यालय के प्रबंधक चंद्रपाल सिंह यादव, कोषाध्यक्ष आजाद यादव, दो शिक्षक, मास्टरमाइंड लिपिक एवं स्टोर कीपर राजदीप यादव और चपरासी शामिल है।
छह अप्रैल को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित परीक्षा में टोड़ी फतेहपुर निवासी अजय भास्कर को नकल करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर कई छात्रों के मोबाइल पर आ गया था। अजय के मोबाइल पर भी करीब 40 मिनट पहले पेपर पहुंचा था। अजय को प्रश्नपत्र की फोटो महोबा के थलौरा निवासी अजय निरंजन ने भेजी थी। अजय निरंजन को पकड़ा गया तो उसने कबूला कि पेपर प्रेमनगर के कब्रिस्तान के पास रहने वाली आसमां ने भेजा था।
आसमां से नगरा के खातीबाबा निवासी मुस्कान यादव का नाम आया। मुस्कान ने पूछताछ में कबूला कि रिश्ते के चाचा राजदीप यादव बंगरा के श्रीराम महाविद्यालय में लिपिक एवं स्टोर कीपर हैं। उन्होंने ही उसको पेपर भेजा था। भतीजी को कहा कि जिसको भी पेपर की कॉपी देना तो पैसे लेकर देना। 300 से 350 रुपये में पेपर को बेचा गया। जांच करने पुलिस टीम श्रीराम महाविद्यालय पहुंची थी तो परीक्षा के दरिम्यान चार घंटे की फुटेज गायब मिली थी। प्रधानाचार्य ने भी बचने के लिए खूब जतन किए, लेकिन वह बच नहीं पाए। जांच में प्रबंधन समिति व मालिक सभी की भूमिका मिली है।

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