अंजानशहीद//आज़मगढ़। तहसील अंतर्गत ग्राम सभा अंजानशहीद में गांव के बीच बीच ऐतिहासिक धरोहर (पक्का पोखरा) वर्षो से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। जमींदार बद्दल साव द्वारा 200 वर्ष पूर्व चुने मिट्टी से बनवाया गया यह पोख्ता पोखरा गांव के बीचों बीच आज भी मौजूद है।
पोखरे से पूरब पंचायत भवन व रविदास मंदिर, हरिजन बस्ती ,दक्छिण रामलीला मैदान पश्चिम व उत्तर घनी आबादी पोखरे के बीचों बीच आज भी काठ का लठ गडा हुआ है पोखरे के पश्चिम व उत्तर में पोखरे के किनारे महिलाओं और पुरुषों के नहाने के लिए अलग अलग झज्जर बना हुआ है। दक्छिड व पूर्व के कोने के एक कुवां भी है यह पोखरा ऐतिहासिक होने के साथ साथ उपयोगी भी है।
आज भी गांव की महिलाएं इसमे कपड़ा धोती है और पुरुष व महिलाएं आज भी स्नान करती है। गांव के साथ साथ आस पास के लोग भी मरणोपरांत घंट श्राद्ध का कार्य सम्पन्न होता है। शाम के वक्त गांव के महिला व पुरूष सीढियों पर बैठकर कुछ समय बिताते हैं और लुफ्त उठाते है पर दुःख इस बात की है आज तक किसी नेता और अधिकारी की नजर क्यों नही पड़ा जरूरत है वर्तमान सरकार को नजरें इनायत करने की जरूरत है ।

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