आजमगढ़-मऊ एमएलसी चुनावः दो पिता की भूमिका पर टिकी चुनावी विजयश्री



आजमगढ़। प्रदेश में विधान परिषद चुनाव का बिपुल बच चुका है। नामांकन के अंतिम दिन कुल पांच प्रत्याशियों ने पत्र दाखिल किया है। भाजपा से फुलपुर के पूर्व विधायक अरूणकांत, सपा से वर्तमान एमएलसी राकेश यादव गुडडू को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा नेता एमएलसी यशवंत सिंह के पुत्र विक्रात सिंह रिशू ने निर्दलीय के रूप में नामांकन पत्र दाखिल कर जिले का तापमान बढ़ा दिया है। दो अन्य सिंकदर प्रसाद व अम्बरीय कुमार ने भी निर्दलीय प्रत्याशियों के रूप में नामांकन दाखिल किया है।

राजनैतिक प्रेक्षकों का मानना है कि इस सीट पर सपा के राकेश कुमार यादव व भाजपा के अरूणकांत यादव में सीधी टक्क्र मानी जा रही है लेकिन अंतिम दिन विक्रात सिंह रिशु ने नामांकन दाखिल कर लड़ाई त्रिकोणात्मक बना दिया है। विकांत सिंह रिशु भाजपा एमएलसी यशंवत सिंह के बेटे है। आजमगढ़ व मऊ में यशंवत सिंह का राजनैतिक दबदबा है। ऐसे में अब सवाल उठाता है कि यशंवत सिंह पिता की भूमिका में रहते है कि पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ता की तरह काम करते है।


दिलचस्प बात यह है कि इस चुनाव में एक और पिता बाहुबली विधायक रमाकांत यादव की भूमिका भी विजयश्री तय करेगी। रमाकांत यादव भाजपा से सांसद रहे है लेकिन 17 वीं विधान सभा चुनाव के बाद भाजपा छोड़कर सपा ज्वाइन कर लिया था। 18वीं विधान सभा के चुनाव में फूलपुर पवई से सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पांचवी बार विधायक है। तब भाजपा ने तत्कालिन विधायक बेटे अरूणकांत का टिकट काट कर रामसूरत राजभर को प्रत्याशी बनाया था। अब रमाकांत यादव सपा में है। एमएलसी चुनाव में सपा ने वर्तमान एमएलसी राकेश कुमार यादव को प्रत्याशी बनाया हैं। देखना है कि रमाकांत यादव किस भूमिका पर रहते है। हालांकि उनका मानना है कि दोनों उनके बेटे के समान है।

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