पुलवामा के शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

लम्बे समय से बन्द पड़े स्कूलों में बच्चों के आने से बढ़ी रौनक


आज़मगढ़। वेदान्ता इंटरनेशनल स्कूल में काफ़ी दिनों बाद बच्चों के स्कूल आने से विद्यालय परिसर में काफ़ी चहल पहल नज़र आयी। सर्वप्रथम कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुवे बच्चों को टीका लगाकर पुष्प वर्षा कर चॉकलेट देकर कक्षा में प्रवेश कराया गया। बच्चे काफ़ी खुश और प्रसन्नचित्त नज़र आ रहे थे। प्रबंध निदेशक महोदय ने बच्चों से उनके घर पर रहने के बारे में पूछा कि बच्चों घर से पढ़ाई कैसी लग रही थीं। सभी बच्चों ने एक स्वर में कहा कि सर् घर पर एकदम अच्छा नहीं लग रहा था।


कठोर मेहनत और लगन से होगी भरपाई: शिव गोविंद सिंह

तब प्रबंध निदेशक शिव गोविन्द सिंह ने कहा कि बच्चों सब की पूर्ति सम्भव है लेकिन समय की पूर्ति सम्भव नहीं हैं। पिछले लगभग दो सालों से आपका समय नुकसान हुआ है उसकी पूर्ति तो संभव नहीं है लेकिन फिर भी अपनी कठोर मेहनत और लगन से उसकी भरपाई काफ़ी हद तक आप कर सकते हैं। आपके पास जो बचा हुआ समय है उसमें पूरा जी-जान लगाकर पढ़ाई करें, पढ़ाई के दौरान जो भी परेशानी हो उसको अपने क्लास टीचर, सब्जेक्ट टीचर, प्रिंसिपल से पूछकर दूर करे। जिससे आने वाले समय में अपने आपको आप ज्यादा बेहतर कर सके। इसी क्रम में उन्होंने आगे कहा कि अति सर्वत्र वर्जते छुट्टी अब बहुत हो गयी अब केवल और केवल अपने पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने की जरुरत है।

दो मिनट मौन रखकर दी श्रद्धांजलि

अन्त में प्रधानाचार्य आर के शर्मा ने पुलवामा में शहीद हुए शहीदों को नमन करते हुए कहा कि इन शहीदों की कुर्बानियों की वज़ह से ही हम अपने घरों में महफूज रहते हैं। हम सबको हमेशा उनका कृतघ्न रहना चाहिए। शहीदों को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उन शहीदों के लिये ईश्वर से प्रार्थना किया गया। कार्यक्रम की संचालिका नीलम चौहान ने अनीता सिंह, सोनम सिंह, इर्ताज निशात, बबिता, अर्चना श्रीवास्तव, इद्रजीत, उजाला गुप्ता सहित सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।

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