लखनऊ। यूपी सरकार ने सहारनपुर देवबंद का आतंकी तथा मतांकरण कनेक्शन सामने आने के बाद वहां पर यूपी एटीएस का कमांडो ट्रेनिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया था। अब इस सेंटर को बनाने का रास्ता साफ हो गया है। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। आतंकी तथा अन्य अराजक तत्वों से प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा-व्यवस्था को और मजबूत करने के सरकार के अहम प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई है। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने देवबंद (सहारनपुर) में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की इकाई तथा कमांडो ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने के लिए गृह विभाग को निःशुल्क जमीन उपलब्ध करा दी है। इसके लिए एमएसएमई विभाग की लगभग एक एकड़ भूमि एटीएस को प्रदान किए जाने की मंजूरी दे दी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब एटीएस का बड़ा सेंटर स्थापित होगा। कैबिनेट ने इसके अलावा उत्तर प्रदेश उपनिरीक्षक व निरीक्षक (नागरिक पुलिस) सेवा नियमावली में आठवें संशोधन को मंजूरी दी गई है। जिसके तहत विवाहित महिलाओं की अर्हता को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस रेडियो अधीनस्थ सेवा नियमावली में चौथे संशोधन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की।
प्रदेश के थानों में पीड़ित के उत्पीडऩ से लेकर पुलिसकर्मियों के बर्ताव में सुधार की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूर कर लिया। इसके लिए 300 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान की गई, जिससे प्रत्येक थाने में 12 से 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें थाने के प्रवेश द्वार से लेकर हवालात, पूछताछ कक्ष, थानेदार व मुंशी के कक्ष से लेकर सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगेगा और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कैमरे चालू स्थिति में रहें। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2020 में देश के सभी थानों व जांच एजेंसियों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने का निर्देश दिया था। व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए ऐसा कदम उठाए जाने की बात कही गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश एक याचिका का निस्तारण करते हुए दिया था। कहा था कि थाने के हर हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनकी आडियो-वीडियो रिकार्डिंग सुरक्षित रखी जाए।

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