बरेली। अनीस, अकील, फजील तमंचा दिखाकर मुझे घर से खींच ले गया था. जबरन अपने कमरे में बंद कर लिया. उसके घर की महिलाएं भी आ गईं. सभी ने मिलकर मुझे जहर पिला दिया... ऐसी चंद लाइनें कहने के बाद छेड़छाड़ की पीड़ित युवती कुछ ही देर में दम तोड़ गई. परिवार के लोगों ने इन बयानों के वीडियो भी बना कर वायरल कर दिया है. इसके बावजूद पुलिस हत्या के बाद बजाय आत्महत्या की आशंका जता रही. हालांकि देर रात तहरीर आने पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया.
युवती के भाई ने बताया कि गांव में उनके दो मकान हैं. एक में चारों भाई और सामने दूसरे मकान में मां, पिता व सबसे छोटी बहन रहती थी. कुछ ही दूरी पर आरोपितों का मकान है. मंगलवार की रात करीब आठ बजे सभी लोग खाना खाने के बाद सोने चले गए. रात करीब 11 बजे अनीस, अकील तथा फजील दबे पांव घर में घुसे और बहन का अपहरण कर लिया. मां, पिता उस समय सो रहे थे. बहन का मुंह दबा दिया, इसलिए वह चीख भी न सकी. एक घंटे तक बंधक बनाकर उसे प्रताड़ित किया गया, ताकि मुकदमे में समझौता कर ले. रात करीब 12 बजे बहन के हाथ किसी आरोपित का फोन लग गया तो उसने फोन कर घटनाक्रम बताया. कहा कि आरोपितों ने जहर दे दिया है, मुझे बचाने तुरंत आ जाओ. वह तुरंत अन्य भाइयों को साथ लेकर पिता के घर गए तो दरवाजे पर कुंडी लगी थी. उसे खोलकर अंदर पहुंचे तो मां, पिता को सोते से उठाकर घटनाक्रम बताया. और आरोपितों के डर के कारण अकेले वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके. इसलिए तुरंत पुलिस को फोन किया. लेकिन आरोपितों ने युवती को फोन करते देख लिया था. इससे बचने के लिए एक आरोपित ने खुद पुलिस को फोन लगाया. कहा कि युवती जबरन घर में आ गई है, जहर खा लिया. इसके कुछ देर बाद ही पीड़ित परिवार ने फोन कर बताया था कि उसे बंधक बनाकर जहर दे दिया गया है. गंभीर अवस्था में युवती को अस्पताल लाया गया. बयान में उसने आरोपितों के दुस्साहस की वही कहानी बयां की, जोकि परिजन बता रहे थे. इसे साक्ष्य के तौर पर रखने के लिए परिवार के लोगों ने वीडियो भी बना लिया था. हालत गंभीर होने पर बरेली के अस्पताल में उसका इलाज शुरू हुआ मगर, जान नहीं बचाई जा सकी.
आरोपित अकील का कहना था कि हम सब अपने घर पर सो रहे थे। तभी पिता तौफीक अहमद को कमरे में किसी युवती की फोन पर बात करने की आवाज सुनाई दी. बता रही है कि मैं इनके घर आ गई हूं, इससे पहले कि हम कुछ पूछते उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया. जिसके बाद हमने पुलिस को सूचना दी. अंदर क्या हुआ, मुझे नहीं पता. हमारे परिवार के किसी सदस्य ने जहर नहीं दिया.
पुलिस का कहना है कि आरोपित व पीड़िता के परिवारों के बीच मुकदमेबाजी चल रही है. पीड़िता की तरफ से छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया गया था. तो उसके बाद आरोपितों की तरफ से भी पीड़िता के परिजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. एक मुकदमे में तो पीड़िता को भी आरोपित बनाया गया था. कोतवाल ओमप्रकाश गौतम का कहना है कि युवती पड़ोस के घर में बंद कमरे में जहरीले पदार्थ से बेसुध सी मिली थी. मौत के पूर्व युवती इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे बयानों के वीडियो के बारे में कहा कि कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. सभी वीडियो की जांच कराई जा रही है.

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