पूर्व राज्यमंत्री ले रहे गरीबों के कोटे का मुक्त राशन

मई 2020 में बना बीपीएल कार्ड, हर महीने उठा रहे चावल-गेहूं



मेरठ। लालबत्ती लगी लग्जरी कारों में चलने वाले करोड़पति भी गरीबों के कोटे का मुफ्त राशन ले रहे हैं. पूर्व मंत्री योगेन्द्र जाटव के नाम से बने एक बीपीएल कार्ड पर हर महीने 10 किलो चावल और 15 किलो गेहूं लिया जा रहा है. मामला सामने आते ही आपूर्ति विभाग के अफसर लीपापोती में जुट गए हैं. आपूर्ति विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार मई 2020 में बसपा सरकार में मंत्री रहे योगेन्द्र जाटव के नाम से उनके भगवतपुरा के पते पर बीपीएल कार्ड संख्या 113840846379 बना. इस कार्ड में उनकी पत्नी किरन देवी, नमन, रविकुमार जाटव, अंजली के नाम दर्ज हैं. इस राशन कार्ड पर हर महीने तृतीय क्षेत्र में सुनीता गुप्ता श्यामनगर की दुकान से मुफ्त में राशन और चावल लिया जा रहा है. गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा अधिकार अधिनियम के तहत गरीब परिवारों को ही बीपीएल राशन कार्ड का पात्र माना जा सकता है जिसके पास पक्का मकान न हो, घर में जेनरेटर, लाइसेंसी हथियार, दो पहिया और चौपहिया वाहन आदि न हो. लेकिन योगेन्द्र जाटव के पास तो करोड़ों की संपत्ति है.

इस संबंध में पूर्व राज्यमंत्री का कहना है कि बीपीएल राशन कार्ड गरीबी रेखा से नीचे वालों का बनता है. मैं उस श्रेणी में आता ही नहीं हूं. हमने अपना राशन कार्ड भी नहीं बनवाया है. हो सकता है किसी ने हमारे नाम से राशन कार्ड बनवा लिया हो और राशन लिया जा रहा हो.

वही जिला पूर्ति अधिकारी राघवेन्द्र सिंह का कहना है कि राशन कार्ड और सरकारी राशन की योजना अमीरों के लिए नहीं है. अगर पूर्व राज्यमंत्री के परिवार का बीपीएल राशन कार्ड है तो उसकी जांच कराकर निरस्त कराया जाएगा. राशन अंगूठे की छाप के बाद ही दिया जाता है. इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. 

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