वाराणसी। राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) में धांधली का प्रयास करने वाले अंतरराज्यीय साल्वर गिरोह के सरगना नीलेश सिंह उर्फ पीके व उसके बहनोई रितेश कुमार सिंह उर्फ सोनू को क्राइम ब्रांच व सारनाथ पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार की शाम सारनाथ रिंग रोड से गिरफ्तार कर लिया. एक लाख रुपये के इनामी पीके व उसके बहनोई को पुलिस शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड की मांग करेगी. पकड़ा गया रितेश भी गिरोह का सक्रिय सदस्य है. बिहार के सारण छपरा के एकमा थानांतर्गत सिंदुआर का मूल निवासी पीके टेलीफोन एक्सचेंज रोड पाटलिपुत्र पटना में रहता है. पीके पत्राचार पाठ्यक्रम के जरिए पटना विश्वविद्यालय से स्नातक है, लेकिन आसपास व सभी जगह के लोगों को अपने को डाक्टर बताता था. घर से डाक्टर के वेश में ही निकलता था, जिससे कि लोग उस पर विश्वास कर सके कि वह पेशे से डाक्टर है.
छह साल से गिरोह का संचालन
वह और उसका गिरोह करीब छह सालों से नीट की परीक्षा में साल्वरों को बैठाकर परीक्षा दिला रहा है. नीट के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व बिहार की शिक्षक परीक्षा व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, बिहार पुलिस व अन्य सेवाओं में वह अपने बहनोई रितेश उर्फ सोनू के साथ मिलकर पेपर आउट कराने या साल्वर की व्यवस्था करा कर परीक्षा में पास कराने का ठेका लेता है. नीट की परीक्षा में वह 30 से 49 से लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी वसूलता है. उसने इन्हीं पैसे से पटना में तीन मंजिला मकान व दानापुर में दो जगह चार से पांच बिस्वा जमीन को खरीद रखा है. इसके पास तीन गाडिय़ां, जिसमें एक फॉर्च्यूनर, हुंडई लिवो और एक वैगनआर है.
पटना सचिवालय में कार्यरत बहनोई
पीके के साथ गिरफ्त में आया उसका बहनोई रितेश कुमार सिंह देव नगर न्यू जगनपुरा पिपरा रोड पोल नम्बर 28 गवर्नमेंट स्कूल के पहले पटना, बिहार का निवासी है. वह पटना सचिवालय में कला संस्कृति व युवा विभाग में उच्च वर्गीय लिपिक के पद पर वर्ष 2004 में नियुक्त हुआ था. उसका विवाह नीलेश की बहन डा. प्रिया से वर्ष 2014 में हुआ था. डा. प्रिया ने वर्ष 2019 में आइजीआइजीआइएमएस पटना से 2019 में एमबीबीएस किया है और वर्तमान में नगरा ब्लाक, सारण छपरा पीएचसी में संविदा पर नियुक्त है. वह भी इस गिरोह में सम्मिलित है. बता दें कि 12 सितंबर को सारनाथ स्थित एक केंद्र में नीट की परीक्षा में त्रिपुरा की अभ्यर्थी हिना विश्वास की जगह परीक्षा देते समय बीएचयू की बीडीएस की छात्रा जूली कुमारी पकड़ी गई थी. उसकी निशानदेही पर उसकी मां बबिता को भी गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ व विवेचना में गिरोह के सरगना समेत अन्य आरोपितों के नाम प्रकाश में आए थे.

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