आजमगढ़। लालगंज तहसील के अंतर्गत गोड़हरा गांव के छोटी बस्ती रहने वाली एक महिला की कच्चा मकान बारिश से गिर गया है। पीड़िता ने मकान के मुआवजा के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रही है लेकिन आदेश के बावजूद लेखपाल जांच नहीं कर रहे है। गोड़हरा गांव निवासी चंद्ररेखा कुमारी जो अपने बच्चों के साथ एक कच्चे मकान में रहती थी। पति धर्मेंद्र रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई में रहता है। उसने बताया कि मेरा कच्चा मकान 1 महीने पूर्व बारिश में ही धराशाई हो गया। इसकी जानकारी गोडहरा ग्राम प्रधान को मिली तो उन्होंने लेखपाल को जांच के लिए बुलाये, ताकि बारिश की वजह से आपदा में गिरे हुए मकान का मुआवजा मिल सके। चंद्ररेखा ने बताया कि लेखपाल को गलत सूचना दी गई कि मेरा मकान जेसीबी से गिराया गया है, काफी परेशान होने के बाद चंद्ररेखा ने एसडीएम द्वारा कागजी कार्यवाही कर एक प्रार्थना पत्र तहसील में दी, जिसमें एसडीएम द्वारा कार्रवाई करने के लिए लेखपाल को जांच करने का आदेश दिया गया, लेकिन लेखपाल अभी तक उसकी जांच करने नही आए, चंद्ररेखा ने बताया कि लेखपाल ने कहा कि यह मकान बारिश की वजह से नहीं गिरा है इसे जेसीबी के द्वारा गिराया गया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है की मकान बारिश में ही गिरा है, मकान की सिर्फ एक दीवार काफी लटकी हुई थी इसके वजह से उसे दिवार को जेसीबी बुलाकर गिराना पड़ा ताकि किसी का नुकसान ना हो सके, पूरा परिवार इस ठंड के महीने में दूसरे के घर में रहने पर है मजबूर हैं।

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