अखिलेश बोले- किसानों व गरीबों ने तय किया करेंगे भाजपा का सफाया

सपा मुखिया मुजफ्फरनगर के कश्यप सम्मेलन में योगी सरकार पर जमकर कसा तंज

कहा मुख्यमंत्री का उत्तराखंड से पलायन न होता तो हमारे पांच साल न होते खराब 



मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर पार्टी की जड़ें मजबूत करने में लगे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर में गुरुवार को कश्यप सम्मेलन को संबोधित किया. यहां के बुढ़ाना कस्बे में इस सभा में उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का आभार भी जताया. बुढ़ाना में कश्यप सम्मेलन के मंच से पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यहां पर कार्यक्रम बहुत दिनों बाद हो रहा है. यहां पर पिछली तारीख पर बारिश के कारण नहीं पहुंच पाए. दूसरी तारीख पर भी हमारे नेता घबरा रहे थे कि लोग आ पाएंगे या नहीं. आपका उत्साह बता रहा है कि आने वाले समय मे उत्तर प्रदेश की सरकार बदलने का फैसला जनता ने ले लिया है. उन्होंने कहा कि इस बार किसानों और गरीबों ने तय कर लिया है कि भाजपा का सफाया करके रहेंगे.

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के लोगों ने कभी समाजवादी पार्टी को निराश नहीं किया है. समाजवादी पार्टी के साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर जब से आये हैं हमें काफी मजबूती मिली है. राजभर के हमारे साथ आने से अब तो हर तरफ से भाजपा के लिए दरवाजे बंद हो गए. आज का सम्मेलन इतना बड़ा है कि भाजपा के दरवाजे यहां से भी बंद करेंगे. इस बार किसानों और गरीबों ने तय कर लिया है कि भाजपा का सफाया करके रहेंगे. जो आठ सूत्रीय मांग पत्र कश्यप समाज के नेताओं ने दिया है. मौका मिलने पर सपा इन्हें जरूर पूरा करेगी.

उन्होंने कहा कि अभी समाजवादी पार्टी का गठबंधन होने जा रहा है. सपा सभी वर्गों सभी दलों को जोडऩे का काम कर रही है. दूसरे दलों की सरकार ने सपने दिखाकर आपका वोट लिया. सरकार में आने के बाद आपके हक को छीना है. आपके नेताओं को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया, लेकिन झूठ के अलावा आपको कुछ नहीं मिला। अगर अब यह सरकार में आए तो आपसे सब कुछ छीन लेंगे. भाजपा के लोगों ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी कर देंगे. किसान भाइयों बताओ आय दोगुनी हुई. आय तो बढ़ी नहीं महंगाई जरूर बढ़ गई. वादा किया था कि हवाई चप्पल वाले हवाई जहाज में चलेंगे. लेकिन, पेट्रोल डीजल के इतने दाम बढ़ाए कि मोटरसाइकिल पर चलना भारी हो गया.

उन्होंने कहा कि यह तीन काले कानून आपके खेतों पर पूंजीपतियों के कब्जा करा देंगे. हम किसानों के साथ है. तीनों कृषि कानूनों का विरोध करते रहेंगे. किसानों के साथ नौजवानों के सामने भी संकट खड़ा है. न रोजगार है और न ही खाने-कमाने के साधन- हमें लगा कि बाबा मुख्यमंत्री इसलिए लैपटॉप नहीं बांट रहे क्योंकि वह चलाना नहीं जानते। नौजवानों को 70 लाख नौकरी देने का वादा घोषणा पत्र में किया था. किसी को नौकरी नहीं मिली- जब बाबा मुख्यमंत्री से पूछा गया कि कहां है नौकरी, तो मुख्यमंत्री कहते हैं कि हमारे पास नौकरी तो बहुत हैं लेकिन हमारे युवाओं में टेलेंट नहीं है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि पलायन हो गया. अगर उत्तराखंड से मुख्यमंत्री का पलायन न होता तो हमारे पांच साल खराब न होते. गोरखपुर में पुलिस जांच के नाम पर मार डालती है. इसके लिए कौन दोषी है. भाजपा सरकार दोषी है. नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन का डाटा मुख्यमंत्री देख लें. सबसे ज्यादा प्रताड़ना उत्तर प्रदेश में है. मानवाधिकार हनन सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में है.

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