आजमगढ़। पवई थाना क्षेत्र के हेवती गांव में दादा और पोते की नृशंस हत्या के बाद शनिवार को भी गांव में तनाव का माहौल बना रहा। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग रखी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पवई, दीदारगंज और फूलपुर कोतवाली की पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारी शनिवार दोपहर तक परिजनों को समझाने-बुझाने में जुटे रहे, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इस बीच पुलिस ने मृतक श्रीवांशु यादव उर्फ अंकित के भाई शिवराज यादव की तहरीर पर चचेरे भाई संतोष यादव, राजमन यादव, निखिल यादव और अनिल यादव के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। चारों नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, शिवराज यादव ने बताया कि उनके बड़े पिता सूर्यलाल यादव बीमारी के दौरान अपने पुत्र संतोष यादव से अलग होकर उनके परिवार के साथ रहने लगे थे। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद संतोष यादव ने परिवार पर हत्या का आरोप लगाते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। मालीपुर थाने में की गई शिकायत की जांच में आरोप निराधार पाए गए, लेकिन जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते दोनों परिवारों के बीच तनाव बना रहा।
आरोप है कि गुरुवार देर रात करीब एक बजे संतोष यादव अपने साथियों राजमन यादव, निखिल यादव और अनिल यादव के साथ कुल्हाड़ी लेकर घर पहुंचा और बरामदे में सो रहे श्रीवांशु यादव उर्फ अंकित पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शोर सुनकर परिजन जागे तो आरोपी मौके से भागते दिखाई दिए। इसके बाद घर से कुछ दूरी पर मड़ई में सो रहे जगदम्बा प्रसाद यादव की भी कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई। गंभीर रूप से घायल श्रीवांशु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मौके पर उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार, क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरण पाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक फूलपुर देवेंद्र प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष पवई मनीष पाल, थानाध्यक्ष दीदारगंज जयप्रकाश यादव सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, फूलपुर विधायक डॉ. रमाकांत यादव की पत्नी डॉ. रंजना यादव तथा विधायक प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव भी पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। प्रशासन लगातार परिजनों से वार्ता कर अंतिम संस्कार कराने और स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास कर रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि नामजद सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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