आजमगढ़ बना ग्रामीण आवासीय सशक्तीकरण का मॉडल... 96.2% लक्ष्य पूर्ति के साथ हजारों परिवारों को मिली पक्की छत!



आजमगढ़। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में आजमगढ़ ने प्रदेश में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जनपद में 96.23 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ हजारों गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया है। योजना के तहत केवल मकान ही नहीं, बल्कि लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार किया गया है।
जनपद को मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 9,908 आवासों का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 9,534 आवास पूर्ण कर लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं। इनमें प्राकृतिक आपदा प्रभावित परिवारों, कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों, मुसहर समुदाय, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी गई।
कच्चे मकान से पक्के घर तक पहुंचा गुड्डी का परिवार
जहानागंज विकासखंड के सेमा गांव निवासी गुड्डी और उनके पति दुर्गेश वर्षों से मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते रहे। आर्थिक तंगी के कारण वे जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। बारिश में छत टपकती थी, दीवारें गल जाती थीं और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चयन होने पर उन्हें 1.20 लाख रुपये की सहायता मिली। इसके साथ ही मनरेगा के तहत 90 दिनों का रोजगार, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 हजार रुपये की लागत से शौचालय तथा अन्य पात्र योजनाओं का लाभ भी मिला। अब परिवार सुरक्षित पक्के मकान में रह रहा है। गुड्डी ने कहा कि सरकार ने केवल मकान ही नहीं दिया, बल्कि बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित किया है। अब हर मौसम में घर टूटने या भीगने का डर नहीं रहता।
योजना से मिला समग्र विकास का लाभ
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 1.20 लाख रुपये की आवासीय सहायता के अलावा मनरेगा के अंतर्गत 90 दिन की मजदूरी, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये तथा पात्रता के अनुसार उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना और हर घर जल योजना जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा गया।
प्रशासनिक निगरानी से मिली सफलता
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व तथा मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना की सतत निगरानी में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। नियमित समीक्षा बैठकें, निर्माण कार्यों की निगरानी, पारदर्शी लाभार्थी चयन और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से जनपद ने लक्ष्य पूर्ति में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
बोले जिलाधिकारी
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि जब किसी गरीब परिवार को पक्की छत मिलती है तो केवल दीवारें नहीं बनतीं, बल्कि उसका भविष्य सुरक्षित होता है और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की नींव मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

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