भानु प्रताप सिंह पुत्र मानसिंह निवासी विधानापार, थाना बेलघाट, जनपद गोरखपुर लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। उसके खिलाफ आजमगढ़, गोरखपुर, संतकबीरनगर, मऊ, अंबेडकरनगर और बस्ती सहित कई जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और अन्य संगठित अपराधों के 34 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के मुताबिक वह थाना मुबारकपुर के चर्चित दुधिया पृथ्वीराज यादव हत्याकांड में वांछित था। आरोप है कि उसने सुपारी लेकर पिपरापुर निवासी पृथ्वीराज यादव की हत्या कराई थी। इसके अलावा वह कई संगठित आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था।
भानु प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया। 2 जून 2026 को एडीजी वाराणसी जोन ने उस पर घोषित इनाम राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी। इसके अतिरिक्त अंबेडकरनगर पुलिस द्वारा 50 हजार रुपये और गोरखपुर पुलिस द्वारा 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2011 से लेकर 2025 तक उसके विरुद्ध हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, मादक पदार्थ तस्करी, बिजली चोरी, गैंगस्टर एक्ट तथा आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए थे। उसका आपराधिक नेटवर्क पूर्वांचल के कई जिलों में फैला हुआ था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भानु प्रताप सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न एजेंसियां लगातार प्रयासरत थीं। मुठभेड़ में उसके मारे जाने के बाद उससे जुड़े कई आपराधिक मामलों की जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।

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