लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी संजय उर्फ संजीव को मार गिराया। वह पीजीआई क्षेत्र के चर्चित प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी।
पुलिस के अनुसार, संजय उर्फ संजीव पुत्र हरीराम, अंबेडकरनगर जिले के अहिरौली थाना क्षेत्र के चक कोदार गांव का निवासी था। उसके खिलाफ हत्या सहित कई संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज थे। लखनऊ पुलिस आयुक्त ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी
27 मई को पीजीआई क्षेत्र के कल्ली पश्चिम स्थित कार्यालय के बाहर प्रॉपर्टी कारोबारी संदीप सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार बदमाशों ने महज सात सेकेंड में ताबड़तोड़ फायरिंग कर वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए थे। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी।
जांच में पुलिस ने खुलासा किया कि हत्या में शामिल दोनों शूटर अंबेडकरनगर के थे, जिनमें संजय उर्फ संजीव मुख्य आरोपी था। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड की सुपारी भी अपराधियों के नेटवर्क के माध्यम से दी गई थी। मामले में संजय, अन्य शूटर और सरगना पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पूर्वांचल में था आतंक का पर्याय
पुलिस के मुताबिक, संजय उर्फ संजीव अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या समेत पूर्वांचल के कई जिलों में हत्या और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहा। वह कुख्यात अपराधी दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर कई जघन्य वारदातों को अंजाम देने का आरोपी था।
पुलिस का कहना है कि संजय लंबे समय से पूर्वांचल में सक्रिय था और कई सनसनीखेज हत्याओं में उसकी भूमिका की जांच की जा रही थी। मुठभेड़ में उसके मारे जाने के बाद पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य फरार सहयोगियों की तलाश में जुटी है।

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