योगी की पुलिस जब पोरष की हाथी बनीं तो अपने ही सैनिकों को कुचल डाला...बाराबंकी में विद्यार्थी परिषद छात्रों पर लाठीचार्ज मामला!


मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। सिकंदर और पोरष क युद्ध के बीच पोरष की विशाल और ताकतवर सेना देख कर सिकंदर की सेना डर गयी। लेकिन सिकंदर ने युक्ति निकाल लिया। उसने पोरष की सेना के अग्रिम पंक्ति में खड़ी हाथियों पर तीर से हमला करवा दिया। जिसके बाद हाथी पीछे भागीं और अपने ही सेना को कुचल डाला। परिणामस्वरूप पोरष युध्द हार गया। ठीक इसी प्रकार 2027 के चुनाव से पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने बाराबंकी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों के साथ कर दियाष्। बाराबंकी के रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में लॉ डिपार्टमेंट की मान्यता वर्ष 2023-24 में ही समाप्त हो गई थी, बावजूद यूनिवर्सिटी ने नये दाखिले जारी रखा। छात्रों का आरोप था कि जब बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त का प्रमाण पत्र नहीं मिला है तो पढ़ाई पूरी तरह अवैध है।विश्वविद्यालय की ओर से बताया कि मान्यता के नवीनीकरण संबंधी फाइल बार काउंसिल में लंबित है। जल्द इसे स्वीकृति मिल जाएगी। इससे नाराज सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की फैक्ट्री, आरएसएस के आनुषंगिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शांतिपूर्ण आंदोलन करने का ऐलान कर दिया। एवीबीपी छात्रों का कहना है कि यहां संचालित एलएलबी, बीबीए एलएलबी व बीए एलएलबी के पाठ्यक्रम बिना विधिक मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। पूछने पर विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी कुछ बताने की जगह उन्हें चुप रहने के लिए धमकाते हैं। इस पर आक्रोशित विद्यार्थियों ने देवा-चिनहट रोड जाम करने की भी कोशिश की। बताते हैं इस बात से नाराज स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने छात्रों पर जम कर लाठीचार्ज करवाया। दर्जनों छात्र-छात्रोंओं को बुरी तरह घायल कर दिया। ज्यादा घायल छात्र-छात्रा आज भी केजीएमयू लखनऊ में भर्ती हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक घायलों को देखने गये। तब कोतवाल और चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर हुये।सीओ को हटा दिया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषंगिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों के पिटाई के विरोध ने राज्य की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई ने राजभवन पर प्रदर्शन किया।शिवसेना की बाराबंकी ईकाई ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती छात्रों का हाल जाना। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लेने के बाद सीओ सिटी हर्षित चौहान को हटा दिया गया। शहर कोतवाल आरके राणा और गदिया चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया।बुधवार को अयोध्या के मंडलायुक्त राजेश कुमार और आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार की रिपोर्ट मिलने के बाद एसआरएमयू के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। उसी दिन विश्वविद्यालय को बार काउंसिल ऑफ इंडिया का परमिशन लेटर भी जारी हो गया। लेकिन अपनी सरकार में बुरी तरह पिटे गये एबीवीपी के छात्रों को लोग यह कह कर तसल्ली दे रहे हैं कि बाराबंकी प्रशासन पोरष की हाथी बन गया था।

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