लखनऊ। प्रदेश में अगले दो चरणों में जिन 27 सीटों पर चुनाव उनमें 15 सीटें ऐसी हैं जिसको लेकर बीजेपी ने विशेष रणनीति तैयार की है। ये 15 सीटें ऐसी हैं जो बीजेपी के लिए बेहद अहम हैं। इन 15 सीटों में 8 सीटें ऐसी हैं जो बीजेपी ने पिछले 2019 के लोकसभा चुनाव में बेहद कम मार्जिन से जीती थीं। वहीं 7 सीटें ऐसी हैं जिस पर बीजेपी को 2019 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी जिन सीटों पर बेहद कम मार्जिन से जीती थीं वह सीटें भदोही, कौशांबी, संतकबीर नगर, बस्ती, बलिया, सुल्तानपुर, चंदौली और मछली शहर हैं। भदोही में बीजेपी के जीत का अंतर 43615 वोट था, कौशांबी में बीजेपी के जीत का अंतर 38722 वोट था, संत कबीर नगर में बीजेपी के जीत का अंतर 35759 वोट था, बस्ती में बीजेपी के जीत का अंतर 30354 वोट था, बलिया में बीजेपी के जीत का अंतर 15519 वोट था, सुल्तानपुर में बीजेपी के जीत का अंतर 14526 वोट था. चंदौली में बीजेपी के जीत का अंतर 13959 वोट था और मछलीशहर में बीजेपी के जीत का अंतर मात्र 181 वोट था।जिन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को 2019 में हार का सामना करना पड़ा था वो सीटें हैं श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, घोसी और गाजीपुर। इन सीटों पर भी इस बार भारतीय जनता पार्टी की नजर है कि यह सीटें कैसे बीजेपी जीत सकती है। इसके लिए पार्टी स्तर पर अलग-अलग समीकरण भाजपा की तरफ से बैठाया जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर जैसी सीटें इन्हीं दोनों चरणों में हैं। इसके अलावा बीजेपी के तीन सहयोगी दलों के नेताओं का कार्य क्षेत्र भी इन्हीं दोनों चरणों में है इसलिए इन सीटों को जीतने के लिए बीजेपी ने अपने प्रतिष्ठा का सवाल बनाते हुए इसको जीतने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है।
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