UP की इस सीट पर महज 181 वोटों से जीती थी भाजपा... तो इस बार साथ मिलकर नतीजे बदल पाएंगे कांग्रेस-सपा!


लखनऊ।
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 5 चरणों का मतदान हो चुका है। अब सिर्फ 2 चरणों के लिए वोटिंग बाकी है जिसमें छठे चरण के लिए कल यानि शनिवार (25 मई) को वोट पड़ने हैं। सातवें और आखिरी चरण के लिए 1 जून को वोट पड़ेंगे जिसके बाद 4 जून को पता चल जाएगा कि इस बार केंद्र में किस पार्टी की सरकार बनने वाली है। फिलहाल, जिस लोकसभा क्षेत्र के बारे में करेंगे उसके लिए 25 मई को वोटिंग होगी. पिछली बार इस लोकसभा सीट से कांटे की टक्कर में बीजेपी ने महज 181 वोटों से जीत हासिल की थी। हम बात कर रहे हैं मछलीशहर की। मछलीशहर निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में स्थित है। यह कई विधानसभा क्षेत्रों और जौनपुर के साथ-साथ वाराणसी जिलों के संयोजन से बना है। मछलीशहर से 2024 के चुनाव के लिए प्रमुख दावेदारों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनावी दौड़ में अपने प्रतिनिधि के रूप में बी. पी. सरोज को मैदान में उतारा है और समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रतिष्ठित सीट के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रिया सरोज को चुना है। दोनों उम्मीदवार इस बार आर-पार की लड़ाई के लिए कमर कसे हुए है। 2019 के चुनाव में मछलीशहर संसदीय क्षेत्र के लिए पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 1,848,306 थी। इनमें से 1,034,925 वोट वैध माने गए। यह सीट भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले उम्मीदवार भोलानाथ (बीपी सरोज) ने जीती थी। उन्हें कुल 488,397 वोट मिले। पिछली बार उनका मुकाबला बहुजन समाज पार्टी के त्रिभुवन राम (टी राम) से था, जिन्हें कुल 488,216 वोट मिले। कांटे की इस टक्कर में जीत का अंतर बेहद कम था और भोलानाथ सिर्फ 181 वोटों से जीते थे। मछलीशहर लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा दलित मतदाता हैं। इसके बाद अगड़ी जाति के मतदाताओं का नंबर आता है लेकिन पिछड़ों और दलितों की संख्या मछली शहर लोकसभा सीट पर सबसे अधिक है, इतना की ये किसी भी उम्मीदवार की जीत हार को तय कर सकते हैं। पिछड़ों में यादवों की संख्या बाकी की जातियों से बहुत अधिक है। मछलीशहर लोकसभा सीट कुल पांच विधानसभा सीट को मिलाकर बनाया गया है।

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