ऑनर किलिंगः प्रेमी युगल की मौत के बाद भी लाशों को पीटते रहे हत्यारे, फावड़े से काटी गर्दन... सिर कुचला!



बदायूं । बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव परौली में मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे हत्यारे नीतू और जयपाल की मौत के बावजूद उनकी लाशों पर लगातार लाठियां बरसा रहे थे। उनके सिर व गर्दन पर फावड़े मार रहे थे। दोनों की मौत हो चुकी थी लेकिन उनका गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। यह देखकर जयपाल के पिता सूरजपाल की रूह कांप गई थी। वह कुछ दूरी पर खड़े थे लेकिन हत्यारोपियों का गुस्सा देखकर उनकी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई और वह नजदीक में जाकर छिप गए।

गांव परौली निवासी सूरजपाल की झोपड़ी उनके घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर बनी है। उसी में वह रात को अपनी गाय बांध देते हैं। मंगलवार की रात क्या चल रहा था, उनको कोई जानकारी नहीं थी। वह खाना खाकर अपने घर से झोपड़ी में सोने चले गए थे। सूरजपाल का कहना है कि उन्होंने मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे अपने घर के दरवाजे पर शोर शराबा सुना था। पहले तो वह कुछ देर तक अपनी झोपड़ी में रजाई में लेटे रहे लेकिन तब शोर ज्यादा बढ़ा तो वह चारपाई से उठकर अपने घर की ओर बढ़े। उन्होंने देखा कि महेश और उसके परिवार वाले उसके बेटे जयपाल व अपनी बेटी नीतू पर ताबड़तोड़ लाठी-डंडों और फावड़े से हमला कर रहे थे। दोनों के सिर व गर्दन से खून की धार फूट रही थी। दोनों की मौत हो चुकी थी। उनके मुंह से कोई आवाज तक नहीं निकल रही थी। इसके बावजूद हत्यारे जयपाल व नीतू की लाशों को पीटते रहे।

हत्यारोपियों ने जयपाल और नीतू के सिर कुचल दिए थे। भयानक दृश्य देखकर सूरजपाल की रूह कांप गई, जिससे उनकी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। एक बार बेटे को देखकर उन्होंने सोचा भी कि उसे बचा लें, लेकिन हमलावरों की संख्या ज्यादा थी और उन पर खून सवार था। उनके बेटे की मौत हो चुकी थी, जिससे वह पीछे लौट गए और फिर नजदीक नहीं आए। हत्यारोपियों ने जयपाल और नीतू के शरीर पर पूरा गुस्सा उतार दिया था। फावड़ा और लाठी-डंडे लगने से जयपाल का सिर चकनाचूर हो गया था। दोनों के शरीर की कई हड्डियां टूट गईं थीं। जयपाल के हाथ, कंधे और पीठ पर रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ। सूरजपाल की पत्नी मनी देवी का कहना है कि उन्होंने एक बेटे को खोकर अपने तीन बच्चों को बचा लिया। उस दौरान ऐसा माहौल था कि हत्यारोपी पूरे परिवार को मार देते। जब हत्यारोपियों ने उनके घर का दरवाजा खटखटाया था तो उस समय वह जाग चुके थे। उन्हें नहीं पता कि नीतू किस समय उनके घर आ गई थी। जैसे ही उनके बेटे जयपाल ने घर का दरवाजा खोला तो वह और नीतू घर के बाहर भागे। तभी आरोपी उन पर हमलावर हो गए। आरोपियों ने जयपाल की गर्दन में फावड़ा मार दिया था। उसकी काफी गर्दन भी कट चुकी थी। यह देखकर उन्होंने छोटे बेटे मनमोहन, रामखिलाड़ी और बेटी खुशवती को घर के अंदर कर लिया और अंदर से कुंडी लगा ली। अगर वह ऐसा नहीं करती तो दोनों की हत्या के बाद उनके परिवार को भी शायद मार दिया जाता।

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