कानपुर। शनिवार को सैंकड़ों वकील पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने जमीन पर बैठकर पुलिस की दोहरी प्रताड़ना का विरोध किया। मामला महिला थाने में वकीलों की नो एंट्री के पोस्टर का है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई को वकीलों का अपमान बताया। वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार अपमानित करने का काम कर रही है। पुलिस के रवैयै की आलोचना करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानपुर लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र शर्मा ने बताया कि मामूली अपराध जैसे शांतिभंग के मुकदमों की सुनवाई जोनल स्तर पर की जा रही है। वादियों को मुकदमों का निपटारा के लिए जोन वाइज निर्धारित शहर में जाना पड़ रहा है। विभिन्न थानों में जाने की वजह से वादियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। वादियों को मुकदमों के लिए वकीलों, कागजात, निर्धारित फार्माे की आवश्यकता पड़ती है। निर्धारित थानों के अन्तर्गत सेवा उपलब्ध नहीं हो रही है। साथ ही वकीलों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कचहरी छोड़कर मामूली अपराध की पैरवी के लिए संबंधित थानों में जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि एक ही मुकदमे में वकीलों का समय समाप्त हो जाता है। साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों का मजिस्ट्रेट के रूप मे न्यायिक कार्य करने से भी खासी परेशानी हो रही है। दोहरी प्रताड़ना से संबंधित सैकड़ों वकीलों ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। रविंद्र शर्मा ने कहा कि वकीलों ने देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। वकील समाज को भी आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। कानपुर पुलिस की दोहरी प्रताड़ना वकील समाज का घोर अपमान है। उन्होंने बताया कि आज (शनिवार) ज्ञापन के माध्यम से दोनों मांगों को पुलिस कमिश्नर के सामने रखा है। मांग नहीं माने जाने पर वकील सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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