दिल्ली में पत्रकारों व नेताओं पर हुए उत्पीड़न के खिलाफ सर्वदलीय प्रदर्शन...जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन!



आजमगढ़। स्वतंत्र, निष्पक्ष, पत्रकारों, चिंतकों, साहित्यकारों को फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाकर बुधवार को सर्वदलीय प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सपा, कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, सीपीएम माले, जनवादी मोर्चा, नागरिक मंच व आम आदमी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। आरोप है कि दिल्ली पुलिस द्वारा देश के न्यूज क्लिक व स्वतंत्र पत्रकार अभिसार शर्मा, उर्मिलेश, भाषा सिंह, गीता हरिहरण, सोहेल हाशमी, आदि दर्जनों पत्रकारों के घरों पर सुबह रेड डालकर उठा लिया तथा उनको यू.ए.पी.ए जैसे संगीन अपराधों में नामजद कर जेल भेजने की साजिश लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। मोदी सरकार महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को हल कर पाने में नाकाम हो गई है। पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाने के लिए संविधान में संशोधन करती जा रही है, जिससे जनता त्रस्त है। जो लोग मोदी सरकार की पोल खोल रहे हैं, उनका दमन और फर्जी मुकदमे फसाने की धमकी व डर पैदा कर अपने विरुद्ध उठने वाली आवाजों को दबाना चाह रही है। इसी तरह आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह एवम सी.पी.एम के महासचिव सीताराम येचूरी के घरों पर दबिश एवम छापे इसी साजिश का हिस्सा है। इंडिया गठबंधन बनने से मोदी परेशान है। सरकार की शह पर हो रहे इन कृत्यों के विरोध में सर्व दलीय नेताओं ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर हवलदार यादव, डॉ आर.एन राय, राजेश यादव एडवोकेट, वेद प्रकाश उपाध्याय, विनोद सिंह, तेज बहादुर यादव, प्रदीप यादव, देवनाथ साहू, विवेक सिंह, अशोक यादव, दुर्गेश यादव, प्रवीण, रविंद्र, कृपा शंकर पाठक, मीनू भारती, राजेश यादव, डॉक्टर ए. के यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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