लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने अपनी राज्य कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है, इसमें सपा ने 182 सदस्यों को शामिल किया है। जिसमें चार उपाध्यक्ष, तीन महासचिव, 61 सचिव समेत बाकी लोगों को सदस्य बनाया गया है। फिलहाल इस लिस्ट के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में एक चर्चा काफी तेज हो गई है। दरअसल सपा की 182 सदस्यों की प्रदेश कार्यकारिणी में मेरठ, शामली, हापुड़ और बुलंदशहर के नेताओं को शामिल नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है।
प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा के बाद मेरठ, शामली, हापुड़ और बुलंदशहर के नेताओं को इसमें शामिल नहीं किए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मेरठ के नेताओं से नाराजगी जाहिर हो गई है। एक ओर जहां सपा प्रदेश की कार्यकारिणी में नरेश उत्तम पटेल को अध्यक्ष, राजकुमार मिश्रा को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सपा नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को राज्य कार्यकारिणी में सचिव बनाया गया है।
एक ओर जहां मेरठ में कई कद्दावर नेता सपा में शामिल हैं. वहीं मेरठ, शामली, हापुड़ और बुलंदशहर के नेताओं को सपा की राज्य कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने पर राजनीतिक गलियारों में अखिलेश यादव का इन जिलों के सपा नेताओं से नाराजगी की चर्चा हो रही है। वहीं सपा की प्रदेश कार्यकारिणी में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक का दबदबा देखने को मिल रहा है। कार्यकारिणी में 24 मुसलमान, 17 दलित और 11 यादवों को शामिल किया गया है।
फिलहाल सपा की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल होने पर सपा नेता काफी खुश हो रहे हैं। वहीं एक नेता ऐसे भी हैं, जो इस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। दरअसल समाजवादी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की लिस्ट के अनुसार पूर्व कैबिनेट मंत्री व पूर्व विधान परिषद सभापति कमला कांत गौतम सचिव बनाया गया है। वहीं लिस्ट में दूसरे सदस्यों के नाम के साथ उनके पदों को लिखने और उनके नाम को खाली रखने पर वह नाराज नजर आ रहे हैं।

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