लखनऊ। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सुनामी ने आरएलडी के लिए सबसे उपजाऊ पश्चिमी यूपी की सियासी जमीन को बंजर बना दिया। अब जयंत चौधरी 2024 में इसी सियासी जमीन से भविष्य की राजनीति पर निशाना लगाना चाहते हैं। इसके लिए जयंत चौधरी ने प्लान 12 बनाया है। ये प्लान जयंत चौधरी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है और यदि ये प्लान सफल हुआ तो बीजेपी के लिए पश्चिमी यूपी का सबसे आसान रास्ता सबसे मुश्किल बन जाएगा। साल 2019 से सबक लेकर आरएलडी मुखिया जयंत चौधरी 2024 में पश्चिम फतह की कहानी लिखने के लिए हर दाव खेल रहें हैं। बीजेपी को पश्चिम में रोकने के लिए जयंत चौधरी ने प्लान 12 तैयार किया है। इस प्लान 12 की सफलता की कहानी लिखने के लिए जयंत पश्चिमी यूपी की किलेबंदी कर रहें हैं और वो गांव-गांव गली गली जा रहें हैं।
जयंत चौधरी ने पश्चिमी यूपी की 12 सीटों पर ताल ठोकने और बीजेपी को घेरने की तैयारी कर ली है। जयंत चौधरी 12 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने जा रहें हैं, जिनमें बागपत लोकसभा, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा, हाथरस और फतेहपुर सीकरी लोकसभा शामिल है, इन सभी सीटों पर जयंत ऐसे प्रत्याशी उतारने जा रहें हैं जो बीजेपी प्रत्याशी का मुकाबला कर सकें। दरअसल, सपा आरएलडी में गठबंधन है और जयंत गठबंधन के साथ भी और गठबंधन के बिना भी प्लान 12 को सफल करना चाहते हैं। जयंत का समरसता अभियान भी इस प्लान का हिस्सा है। जयंत जिन 1500 गांवो का मिशन लेकर बीजेपी के खिलाफ और आरएलडी के पक्ष में माहौल बनाने निकले हैं वो भी इसी प्लान 12 का हिस्सा है। हालांकि आरएलडी के इस प्लान 12 पर सपा के नेताओं का अलग तर्क है।
जयंत चौधरी का प्लान 12 जिन सीटों पर खास फोकस रखकर बनाया गया उनमें से ज्यादातर सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। शायद जयंत चौधरी इन्हीं तमाम सीटों पर फोकस करके बीजेपी को बड़ा संदेश देना चाहते हैं। हालांकि बीजेपी का कहना है 2019 में गठबंधन करके देख चुके, प्लान 12 से बीजेपी पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं हैं। जयंत चौधरी को भले ही सपा ने राज्यसभा भेजा हो, लेकिन जयंत अब अकेले दम पर पश्चिमी यूपी में बीजेपी के खिलाफ बड़ा बिगुल फूंकने जा रहे हैं। ये 12 सीट ये तय करेंगी कि जयंत राजनीति में कहा तक आगे बढ़े हैं। बीजेपी के खिलाफ मोर्चाबंदी करके जयंत चौधरी ये संदेश देना चाहते हैं कि पश्चिमी यूपी में बीजेपी का विजयरथ रोकने की अब वो अकेले ताकत रखते हैं। बीजेपी के हर वार और पलटवार का मुकाबला करने को वो पूरी तरह तैयार हैं शायद इसीलिए 2019 में एक भी सीट पर खाता न खोल पाने वाली आरएलडी के लिए इस बार पश्चिम में प्लान 12 तैयार किया है। ये प्लान सफल रहा तो बीजेपी के ना सिर्फ मुश्किल बढ़ेंगी बल्कि जयंत चौधरी पश्चिम के बड़े चौधरी भी बन जाएंगे और उनकी आवाज दिल्ली और मजबूती से सुनाई देगी।

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