पहले मीठी-मीठी बातें, फिर न्यूड वीडियो कॉल: जिन पुलिसवालों से अपराधी थर्राए, हनी ट्रैप गैंग ने उनसे लाखों कमाए


बरेली। जिन पुलिसवालों से अपराधी और माफिया थर्राते हैं, वे हनी ट्रैप गैंग की एक सरगना के चंगुल में फंसकर बर्बाद हो गए। इस सरगना ने मीठी बातों के जाल में फंसाकर ठगी के लिए पुलिस और दूसरे सरकारी विभागों के कर्मियों और अफसरों को खासतौर से चुना। देखते देखते वह रुपयों का अंबार लगाती चली गई। नोटों से खेलते हुए उसके कई वीडियो और अश्लील ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हनी ट्रैप गैंग की सरगना की शादी फतेहगंज पूर्वी कस्बे के पास एक गांव में हुई थी। कुछ साल पहले उसके पति की मौत हो गई। मौत को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं रहीं। इसके बाद वह फतेहगंज पूर्वी में आकर रहने लगी। यहां वह जुगाड़ से फरीदपुर सीएचसी के अधीन आशा कार्यकर्ता बन गई। सबसे पहले पूर्वी थाने के ही एक सिपाही से नजदीकी बढ़ाई। उसके साथ रहकर बाद में उसी के खिलाफ वीडियो व साक्ष्य देकर शिकायत कर दी।

पुलिस और गैंग के ही सूत्र बताते हैं कि वहां पहला समझौता करीब डेढ़ लाख रुपये में हुआ। इसके बाद महिला सरगना की हिम्मत बढ़ गई। उसने एक विधायक के पीआरओ को निशाना बनाया। करीब दो लाख रुपये ऐंठकर शिकायत दबा दी। सिंचाई विभाग के एक रिटायर्ड कर्मचारी उसके हाथ सवा दो लाख रुपये की ठगी का शिकार होकर शिकायत करते घूम रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक 40-50 लोग इस गिरोह के शिकार होकर ढाई करोड़ रुपये ठगी में गंवा चुके हैं। इनमें अधिकतर सरकारी कर्मचारी व रिटायर्ड अधिकारी हैं। इनके साथ ही व्यापारी, नेता और रसूखदार लोग भी शामिल हैं। गैंग की अन्य लड़कियां आम लोगों को शिकार बनाती हैं।

हनी ट्रैप गैंग की सरगना ने सबसे बड़ा दांव कुछ समय पहले नवाबगंज थाने के एक हेड कांस्टेबल पर मारा। उससे दूसरी शादी का दावा करके कभी जहर खाने तो कभी कुछ और आरोप लगाकर शिकायतें कीं। दीवान की नौकरी और भविष्य पर बन आई तो उसने 29 लाख रुपये देकर समझौता किया। इस डील के बाद कोर्ट में शपथपत्र देकर आरोप से मुकर गई। उसने समझौते के वक्त ही दीवान से करार कर लिया कि उसके खिलाफ पुलिस कोई सख्त रिपोर्ट नहीं बनाएगी। पीड़ित दीवान इस महिला के नाम से इस कद्र खौफ में हैं कि अधिकारियों के पूछने पर भी खामोशी साधे बैठे हैं।

हाल ही में एसओ घुंघचाई रहे राजेंद्र सिंह सिरोही भी गैंग के हालिया शिकार हुए हैं। एसओ पर गंभीर आरोप लगे हैं। वीडियो कॉल पर एसओ के कपड़े उतारने की एफआईआर के बाद एसओ और महिला के बीच घंटों मीठी बातों के कई ऑडियो वायरल हुए हैं। इससे पता चलता है कि दोनों ही एक दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं। हालांकि महिला के गंभीर आरोपों के आधार पर मामला दर्ज होने के बाद एसओ पर मुकदमा और निलंबन हो चुका है। एक रिटायर्ड कर्मचारी का मामला भी सामने आ रहा है। बताते हैं कि उनके परिवार के लोग नौकरी व शादी करके दूसरे शहरों में जा चुके हैं। 

वह घर में अकेले रहते थे। फेसबुक पर खुद को बरेली का बताकर एक महिला ने दोस्ती बढ़ाई। बाद में वह व्हाट्सएप के जरिये जुड़ गई। गुड मॉर्निंग जैसे मेसेज से बात शुरू की। फिर एक रिश्तेदार की शादी तय कराने के बहाने उन्हें अपने घर बुला लिया। गिरोह के लोगों ने वीडियो बना लिया। उनसे एक बार बड़ी रकम लेने के साथ ही लगातार वसूली की गई। इस संबंध में सीओ तृतीय आशीष प्रताप सिंह का कहना है कि कैंट थाने में महिला व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बारादरी थाने में भी इसी तरह की शिकायत आई है। हनी ट्रैप जैसा मामला बताया जा रहा है। जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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