कौन बनेगा दोहरीघाट का नगर अध्यक्ष, चुप्पी साधी जनता...

युवाओं के संघर्ष पर दो पूर्व नगर अध्यक्षों की प्रतिष्ठा लगी दांव पर


विकास गुप्ता
दोहरीघाट। दो हरी ( भगवान श्रीराम व परशुराम) के मिलन स्थलीय दोहरीघाट में नगर निकाय चुनाव प्रचार का अंतिम दौर जारी है। सभी प्रत्याशी अपनी जीत पक्की करने के लिए नगर के गलियों में चहल कदमी के साथ-साथ अपनी जाति के वोटों को भी सहेजने में लगे है। इन प्रत्याशियों ने कितना काम किया है। इसका परिणाम तो मतदान के बाद आगामी 13 मई को मतगणना के बाद पता चलेगा। लेकिन युवा प्रत्याशियों के संघर्ष के बीच दो पूर्व नगर अध्यक्षों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।


दरअसल, इस बार भारतीय जनता पार्टी ने युवा समाजसेवी विनय जायसवाल को प्रत्याशी बनाया है। इस बात से नाराज उनके राजनैतिक गुरू 76 वर्षीय पूर्व नगर अध्यक्ष गुलाब चंद्र गुप्ता ने भाजपा से बगावत कर फिर युवाओं को खुली चुनौती दे रहे है। वहीं 1995 में हुए चुनाव में विजेता और पिछले बार के उपविजेता पूर्व नगर अध्यक्ष त्रिलोकी सोनकर ने फिर बसपा से अपनी दावेदारी ठोंकी है। समाजवार्दी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामसिंह यादव के पुत्र सतीश यादव को मैदान में उतारा है। पीस पार्टी ने पूर्व सभासद युवा नेता विजय गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है।


निर्दलीय उम्मीदवारों में राजेश गुप्ता ने अपनी अनोखी कार्यशैली से चुनाव में मजबूत भूमिका बनाने में जुटे है। एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार बबलू सोनकर और पहली बार आप पार्टी के मुर्तुजा भी वोटरों को लुभावने में लगे है। लब्बोलुआब यह है कि सभी प्रत्याशी अपनी जाति के वोट को बैंक के रूप में मानकर अन्य मतों में सेधमारी का दावा कर अपनी जीत पक्की मान रहे है। जबकि मतदाता अभी भी चुप्पी साधने हुए है। अब ऊंट किस करवट बैठता है यह तो 13 को क्लियर होगा। लेकिन दो पूर्व नगर अध्यक्षों को युवा प्रत्याशी भरपूर चुनौती दे रहे है।


राजनैतिक प्रेक्षकों के मुताबिक, नगर के जातीय वोटों की गणित में सबसे ज्यादा मत कान्दू बिरादरी का करीब 1500 मत है, दूसरे नबंर पर सोनकर करीब 1300 मत है, मुस्लिम 1200, जायसवाल 700, मल्लाह 600, सोनार, 300, यादव 250, साहू 600, अन्य 1000 मत है कुल करीब दस हजार मतदाता है। साल 1989 में हुए चुनाव में त्रिकोणीय संघर्ष में गुलाब चंद गुप्त (728 मत) ने अपने निकटतम प्रत्याशी अलगू जयसवाल (693) को कम मतों से हराकर जीत दर्ज की जबकि तीसरे नंबर पर त्रिलोकी सोनकर (619) रहे। लेकिन 1995 में हुए निकाय चुनाव में पिछले चुनाव में तीसरे नंबर पर रहने वाले त्रिलोकी सोनकर (1404) ने अपनी जाति और मुस्लिम मत के दम पर पहली बार दोहरी घाट के नगर अध्यक्ष बने थे इस चुनाव में गुलाब चंद गुप्ता (1287) मत पाकर दूसरे नंबर पर रहे जबकि शिवानंद जायसवाल 575 मत पाकर तीसरा स्थान पर काबिज हुए।


वर्ष 2000 में सीट सामान्य महिला होने के नाते पूर्व अध्यक्ष गुलाबचंद गुप्त ने अपनी पत्नी मनोरमा देवी को चुनाव मैदान में उतारा तो पूर्व अध्यक्ष त्रिलोकी सोनकर कर ने अपने भाई की पत्नी पार्वती देवी को मैदान में उतारा था। तब जनता ने मनोरमा देवी को 2231 मत, पार्वती सोनकर को 1752 मत दिया था। जबकि चंद्रकला जायसवाल 868 मत पाकर तीसरे नंबर पर रही। साल 2006 में सीट पिछड़ी जाति हो गई। इस चुनाव में भी मनोरमा देवी ने 1425 मत पाकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। दूसरे नंबर पर पुष्पा साहू ने 901 मत प्राप्त किया। जबकि 896 मातृकर राम सिंह यादव तीसरे नंबर पर रहें। वर्ष 2012 में हुए निकाय चुनाव में पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रही पुष्पा साहू ने 1093 मत पाकर मनोरमा देवी (1020) को चुनाव में मात दे दी। तीसरे नंबर पर सविता वर्मा 980 मत पाकर रही।


वर्ष 2017 में सीट सुरक्षित होने पर भाजपा ने वेदाना सोनकर को प्रत्याशी बनाया जबकि बसपा से पूर्व अध्यक्ष त्रिलोकी सोनकर ने दावेदारी की। दोनों प्रत्याशियों की सीधी टक्कर में वेदाना ने 2293 मत पाकर पूर्व अध्यक्ष त्रिलोकी सोनकर को 318 मत से हरा दिया। पूर्व अध्यक्ष त्रिलोकी सोनकर को 1912 मत प्राप्त हुए थे। चुनावी मैदान में अपने जीवन काल के सबसे ज्यादा मत पाने के बाद भी त्रिलोकी सोनकर दूसरे नंबर पर रहे। लेकिन इस बार अपनी जीत पक्की मान रहे हैं।

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