आजमगढ़: अध्यक्ष पद के 170 प्रत्याशियों में सिर्फ़ 33 की बची जमानत... जानें कौन!



आजमगढ़। नगर निकाय चुनाव में अध्यक्ष और वार्ड सदस्य पदों के लिए हुए चुनाव के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्षों और वार्ड सदस्यों की घोषणा हो चुकी है। जनपद में 16 अध्यक्ष पदों के लिए कुल 170 लोगों ने नामांकन दाखिल किया था। जिसमें से 137 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो चुकी है। जबकि 33 प्रत्याशी अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि तीन नगर पंचायतों लालगंज, जहानागंज और मार्टीनगंज में विजयी प्रत्याशियों को छोड़ किसी भी जमानत नहीं बची है।

आजमगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में अध्यक्ष पद के लिए कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे। जिसमें सपा के सरफराज आलम, भाजपा के अभिषेक जायसवाल दीनू और भारत रक्षा दल के हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव को छोड़कर 11 प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। मुबारकपुर नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए कुल पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें निर्दल प्रत्याशी सबा शमीम, सपा की फराज अंजुम और भाजपा के मुक्तदिर को छोड़कर किसी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची। जबकि बिलरियागंज नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें सपा की मीना सरोज, भाजपा की संजू सरोज और बसपा के चंद्रधारी को छोड़कर किसी की भी जमानत नहीं बची।

अगर नगर पंचायतों की बात करें तो जहानागंज नपं में कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें सपा के विजयी प्रत्याशी सरफराज अहमद को छोड़कर किसी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची। निजामाबाद नपं में कुल 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। जिसमें से निर्दल अलाउद्दीन और भाजपा के प्रवीण सिंह को छोड़कर किसी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची। सरायमीर नपं में कुल 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें से निर्दल वसीम अहमद और भाजपा के रामप्रकाश को छोड़कर कोई भी प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सका। फूलपुर नपं में कुल सात प्रत्याशी मैदान में ताल ठोक रहे थे। जिसमें से निर्दल राम आशीष, भाजपा के अंशुमान और निर्दल सुफियान को छोड़कर किसी की जमानत नहीं बची। माहुल नपं में कुल 10 प्रत्याशी मैदान में थे। जिसमें से निर्दल लियाकत और निर्दल ओमप्रकाश को छोड़ कोई अपनी जमानत नहीं बचा सका। 

अजमतगढ़ नपं में कुल 10 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें सपा की ललिता अजय साहनी और भाजपा की नीतू जायसवाल को छोड़ किसी की भी जमानत नहीं बच सकी। जीयनपुर नगर पंचायत में कुल 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें निर्दल पुरुषोत्तम और निर्दल नर्वदा को छोड़ किसी की जमानत नहीं बची। महाराजगंज नपं में कुल चार प्रत्याशी मैदान में थे। जिसमें भाजपा की श्वतेता, सपा की नूरजहां और निर्दल मीना को छोड़ किसी की जमानत नहीं बची। मेंहनगर नपं में कुल चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। जिसमें से निर्दल कौशिल्या और बसपा की सुनीता को छोड़ कोई अपनी जमानत नहीं बचा सका। लालगंज नपं में कुल छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें निर्दल प्रमिला को छोड़ किसी की जमानत नहीं बची। 

बूढ़नपुर नपं में कुछ 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। जिसमें से निर्दल मंशा और भाजपा की उर्मिला को छोड़ कोई जमानत नहीं बचा सका। अतरौलिया नपं में कुल सात प्रत्याशी मैदान में थे। जिसमें सपा के सुभाष चंद्र जायसवाल और भाजपा के धर्मेंद्र को छोड़ किसी की भी जमानत नहीं बची। वहीं मार्टीनगंज नगर पंचायत में सबसे अधिक 23 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें निर्दल अपूर्वा सिंह को छोड़कर किसी की भी जमानत नहीं बची।

नगर निकाय चुनाव के परिणामों पर अगर गौर करें तो जनता ने राजनीतिक दलों को नकारते हुए निर्दलियों पर भरोसा जताया। जिसका परिणाम रहा कि कई नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों में निर्दलियों की जमानत बची लेकिन राजनीतिक दलों के प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सके। जिसमें मार्टीनगंज, लालगंज, जीयनपुर और माहुल नंगर पंचायतें शामिल रहें।

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