साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये बेहद आसान तरीका ...

लालच में आए तो खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट


आगरा। जिले में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने कहा कि अब फिरौती भी डिजिटल तरीके से मांगी जाती हैं और हर किसी का डाटा हैक हो रहा है और ये डाटा भी आप ही लोग बड़ी आसानी से दे देते हो। साइबर हैकिंग से बचना है तो अपने पासवर्ड को बदलते रहें। अपने एप को अपडेट करते रहें और सबसे जरूरी बात अपने फोन की फोटो गैलरी में जरूरी कागजों की फोटो न रखें। नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स की ओर से फतेहाबाद रोड पर स्थित एक होटल में विषय विधिक एवं साइबर अपराध पर हुई कार्यशाला में टंडन ने बताया कि जैसे जैसे भारत डिजिटल इंडिया बन रहा है। उतनी ही तेजी से लोगों के साथ साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। हैकर आपके डाटा को हैक करने से पहले या तो लुभावने ऑफर देते हैं या डरावने मैसेज। इन्हीं दो चीजों के बीच हम फंस जाते हैं।




लेखक एवं विधि विशेषज्ञ इंद्र चंद्र जैन ने वसीयत को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि हम लोग जीवन भर पैसे कमाने में लगे रहते हैं, लेकिन के मरने के बाद वो पैसा सही हाथों में जाए उसके लिए ज्यादा नहीं सोचते। आज के वक्त में 40 की उम्र में ही वसीयत बनवा लेनी चाहिए। उसके बाद हर 5 साल में वसीयत को बदलते रहें। 80 से 85 साल की उम्र में व्यक्ति यदि वसीयत बनवाता है तो मान्य नहीं होती। रजिस्टर्ड वसीयत जरूरी है। वसीयत बनवाने से पहले वीडियो जरूर बनाएं।




हैंकिग से बचने के लिए किसी का भी वीडियो कॉल उठाने से पहले कैमरे पर अपना अंगूठा रख कैमरे को ढक लें। पहले सामने वाले को देख लें तब अपना चेहरा किसी को दिखाएं। कोई भी ऐप आप प्ले स्टोर से या ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। अपने जरूरी कागजों को डिजी लॉकर ऐप में ही रखें। कभी भी सरल पासवर्ड न बनाएं। खासकर अपनी शादी की सालगिरह,जन्मदिन की तारीख आदि को पासवर्ड न बनाएं। एपीके की फाइलें कभी डाउनलोड न करें। इससे आपका डाटा हैंक हो सकता है। बच्चों को गेम खेलने के लिए अपना फोन न दें, जिसमें आपके गूगल पे, फोन पे आदि हो। सबसे बड़ी बात कभी अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड को फोटो तक भी जल्दी न दें।

Post a Comment

0 Comments