आजमगढ़ः पुलिस के हत्थे चढ़ा मां-बाप और बहन का हत्यारा...

पुलिस मुठभेड़ में आरोपी बेटे के पैर में लगी गोली...बताया क्यों की हत्या! 


आजमगढ़।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र में गुरूवार की देर रात तिहरे हत्याकांड के आरोपी राजन सिंह की गांव के समीप बनवारी वीर बाबा मंदिर के पास पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। इस घटना में आरोपी के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, कप्तानगंज थाना क्षेत्र के धंधारी गांव में (20 वर्षीय) युवक राजन सिंह ने रविवार की भोर में करीब साढ़े तीन बजे कुल्हाड़ी से काटकर अपने पिता भानु प्रताप सिंह पुत्र हरिनारायण सिंह उम्र (48 वर्ष) को मौत के घाट उतार दिया, इस बाबत उसने माता सुनीता देवी (45 वर्ष) की भी कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी। फिर उसने जान बचाकर भाग रही बहन राशि सिंह उम्र 12 वर्ष की भी हत्या कर दी ओर फरार हो गया। इस मामले में एसपी की ओर से दो टीमों का गठन किया गया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे गुरुवार की रात गांव स्थित मंदिर के पास उसे घेर लिया। जिस पर आरोपी राजन सिंह ने पुलिस के ऊपर भी हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में राजन सिंह के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को भी बरामद कर लिया है।


कप्तानगंज थाना क्षेत्र के धंधारी गांव निवासी भूपति सिंह पुत्र हरिनरायन सिंह ने 16 अप्रैल को लिखित तहरीर दिया गया। आरोपी राजन सिंह ने अपने पिता के डांट-फटकार से क्षुब्ध होकर पिता भानू प्रताप सिंह पुत्र स्व0 हरिनरायन सिंह, माँ श्रीमती सुनीता देवी व छोटी बहन को कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दिया। इस सूचना पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह द्वारा की जा रही है। शुक्रवार को प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, उ0नि0 जितेन्द्र सिंह आरोपी की तलाश में क्षेत्र देऊरपुर में मौजूद थे तभी मुखबिर द्वारा बताया गया कि 16 अप्रैल को जिस आरोपी द्वारा अपने मां-बाप व बहन की हत्या को अंजाम दिया गया है वह आज अंधेरा होने के बाद कुछ लोगो को दिखा है जो कि पुनः वारदात करने के फिराक में गांव व तालाब के बीच में कही है जो लोग देखे है वह डर के वजह से बता नही रहे है तालाब के पास अगर तलाश किया जाये तो मिल सकता है। इस सूचना पर थाना प्रभारी कप्तानगंज व पुलिस टीम जैसे ही इन्नीताल तालाब के पास की पुलिया बन्दे वीर बाबा मंदिर के पहले और तालाब वाले रास्ते पर पुलिया के बाये साईड में एक आदमी तेजी से अन्दर की तरफ गया और झाड़ियो और गढ्ढे मे छिपने का प्रयास किया। संदेह होने पर आत्मसमर्पण करने को कहा गया तो आरोपी ने चिल्लाकर पुलिस टीम को जान से मारने की धमकी दी।


जिस पर प्रभारी कप्तानगंज द्वारा टार्च जलाया गया तो आरोपी द्वारा एक फायर टार्च की रोशनी की तरफ लक्ष्य बनाकर पुलिस बल के उपर फायर किया। आरोपी पुनः अपने आपको छिपाकर फिर असलहा भरने लगा। पुलिस टीम द्वारा घेरा बन्दी करके गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो आरोपी द्वारा पुनः लक्ष्य बनाकर पुलिस टीम पर फायरिंग की गई। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही में फायरिंग की गई जिसमें अभियुक्त के दाहिने पैर में लगी गोली जिससे वह घायल होकर गिर गया। पुलिस ने उसके पास से एक देशी तमंचा .315 बोर, 02 खोखा कारतूस .315 बोर, 01 जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद किया गया। गिरफ्तार घायल आरोपी को उपचार हेतु चिकित्सालय भेजा गया। पूछताछ में आरोपी राजन सिंह ने बताया कि 15 अप्रैल को मैने अपने गांव के उमेश सिंह पुत्र राम रूप सिंह का दो बोरी गेहूं चोरी किया था जिसके वजह से शाम के समय मेरे पिता-माता व बहन मिलकर रात में मुझे डांटा फटकारा व मारा था। उससे क्षुब्ध होकर मै रात्रि में करीब ढाई से तीन के बीच उठा और जाकर भूसा वाले घर से दो कुल्हाडी लेकर आया। पिताजी के सिर पे कुल्हाडी से कई वार किया तब तक मेरी मां जग गयी और मुझे कुल्हाडी सहित पकड़ने का प्रयास किया कुल्हाडी मेरे हाथ से छीन कर फेक दिया तब मै दूसरी कुल्हाडी से मां सुनीता को एक कुल्हाडी मारा और वह घर से बाहर की तरफ भागी जिसको दौड़ाकर कई कुल्हाडी मारा। तभी मेरी छोटी बहन जग गयी और चिल्लाकर रोड की तरफ भागने लगी कि मै घेर कर खेत में कुल्हाडी से गर्दन कई वार किया जिससे उसकी मौत हो गयी।

पूछने पर बताया कि मैने इसीलिये कट्टे से नही मारा यदि कट्टे से मारता तो आवाज की वजह से आस पास के लोग जग जाते और मै पकड़ा जाता। उसके बाद मै जाकर हाथ पैर धोया और कपड़ा दूसरा पहन कर खून से लगे कपड़े व कुल्हाडी चप्पल को पालिथिन में भर कर बैग में रख लिया। पिता की मोबाइल व जेब में रखा 6500 रूपया निकाल लिया तथा कट्टा व कारतूस लेकर वहां से निकल कर गन्ने के खेत में आ गया। बैग लेकर बाहर जाना ठीक न समझते हुये बैग उसी गन्ने के खेत में छिपा दिया। और वहां से निकल गया। गुरूवार को साक्ष्य मिटाने हेतु बैग में रखे खून से लगे कपड़े, चप्पल को जलाने के लिये और छोटी बहन रानी को भी मारने के चक्कर में आजमगढ़ गया था वहा से मालूम हुआ कि सब घर गये है। तत्पश्चात मै अपने गांव उनको खोजते हुये आया हूं। पुलिस ने आरोपी के पास मौजूद बैग से कुल्हाडी व घटना के दिन पहने हुए टी-शर्ट, एक लोवर, एक जोडी चप्पल रक्त लगा, 02 मोबाइल व 03 सिम, 2700 रूपये नगद, एक माचिस व प्लास्टिक के बोतल में पेट्रोल भी बरामद हुआ। गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर जितेन्द्र सिंह, हे0का0 श्रवण शुक्ला, का0 हेमन्त कुमार, का0 धर्मेन्द्र कुमार, का0 प्रमोद कुमार व का0 विनय कुमार यादव शामिल रहे।

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