इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी 1758 थानों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाए। उन्होंने कहा कि यह काम प्राथमिकता के साथ तत्काल पूरा किया जाना चाहिए। आदित्यनाथ ने कहा, तकनीक के बदलते दौर में पुलिस संचार प्रणाली को भी उन्नत किया जाना चाहिए। तकनीक की मदद से मोबाइल फ़ोन को वायरलेस सेट के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। मोबाइल फोन और वायरलेस सेट के बीच संचार प्रणाली को अपनाया जाना चाहिए। प्रारंभिक चरण में इसे बाराबंकी पुलिस में लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘डायल 112 जैसी आकस्मिक सेवाओं की उपयोगिता उसकी त्वरित प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है। पीड़ित के फोन कॉल करने और पीआरवी द्वारा उस तक मदद पहुंचाने में वर्ष 2016 में जहां औसतन एक घंटे का समय लगता था, वहीं अब इसे नौ मिनट 44 सेकंड तक लाने में सफलता मिली है। ’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस के पहुंचने के समय को कम करने के लिए वाहनों की संख्या और कर्मियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, पुलिस अधिकारी स्मार्टफोन से वायरलेस सेट नियंत्रित करेंगे। दरअसल, यूपी पुलिस के लिए एक एप विकसित किया गया है। इस एप की मदद से अधिकारी अपने स्मार्ट फोन के जरिए सीधे डिजिटल वायरलेस सेटों पर कोई भी संदेश दे सकेंगे। बता दें कि सीएम योगी का ये बयान निर्देश ऐसे वक्त पर आया है, जब राज्य में निकाय चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो चुका है।

0 Comments