लखनऊ। यूपी निकाय चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष और सासंद जयंत चौधरी को बड़ा झटका लगा है। भारत निर्वाचन आयोग ने जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोक दल से उत्तर प्रदेश से राज्य स्तर की पार्टी का दर्जा छीन लिया है। राष्ट्रीय लोक दल पार्टी की नींव पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह ने रखी थी। इस समय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी है और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव गिरीश चौधरी हैं।
इस समय यूपी विधानसभा में रालोद के 9 सदस्य हैं और यूपी विधानसभा में रालोद के विधानमंडल दल नेता राजपाल बालियान हैं। यूपी के अलावा रालोद राजस्थान की राजनीति में भी एक्टिव रहती है, राजस्थान की भरतपुर विधानसभा सीट से डॉ सुभास गर्ग रालोद के टिकट पर विधायक हैं। राजस्थान में रालोद यूपीए गठबंधन के साथ रहती है तो यूपी में वह इस समय अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के गठबंधन में है।
साल 2022 में रालोद ने सपा के साथ गठबंधन करते हुए 33 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन उसे महज 8 सीटों पर ही जीत मिली थी। वहीं अब चुनाव आयोग की तरफ से रालोद को यह बड़ा झटका है। वहीं चुनाव आयोग ने एनसीपी का राष्ट्रीय दल का दर्जा वापस ले लिया है। वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को नागालैंड में एक राज्य पार्टी के रूप में मान्यता मिली है और टिपरा मोथा पार्टी को त्रिपुरा में एक राज्य पार्टी के रूप में मान्यता दी है।
वहीं बीआरएस (BRS) को आंध्र प्रदेश में एक राज्य पार्टी के रूप में अमान्य किया है। इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को पश्चिम बंगाल में एक राज्य पार्टी के रूप में अमान्य किया। वहीं मेघालय में वॉइस ऑफ द पीपुल पार्टी को राज्य स्तरीय पार्टी के रूप में मान्यता मिली है।

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