विरोधी दलों में मच सकती है खलबली
राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां के लिए भाजपा ने मिशन 100 का लक्ष्य रखा है। राजधानी लखनऊ में महापौर की सीट के अलावा 10 नगर पंचायत और 110 वार्ड है। वहीं मेयर सीट बीजेपी 1995 से लगातार जीतती हुई आ रही है। इस बार भाजपा का लक्ष्य है कि 110 में से कम से कम 100 वार्ड में कमल खिलाया जाए। इसके लिए विपक्षी दलों के साथ ही कई निर्दलीय निवर्तमान और पूर्व पार्षद खुद भी भाजपा के संपर्क में हैं तो कुछ से भाजपा खुद संपर्क साध रही है।
विपक्षी दलों में सेंधमारी की जिम्मेदारी पार्टी ने मुख्य रूप से तीन लोगों को सौंपी है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा। इसमें लखनऊ की जिम्मेदारी तो मुख्य रूप से डॉ. दिनेश शर्मा के कंधों पर ही है। असल में विपक्षी दलों के कई निवर्तमान पार्षद और पूर्व पार्षद भाजपा में आने की तैयारी में लगे हैं। चर्चित नामों की बात करें तो महात्मा गांधी वार्ड से कांग्रेस पार्षद रहे अमित चौधरी को लेकर चर्चा है कि उनकी उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे व भाजपा के युवा नेता नीरज सिंह से बात हो गई है।
माना जा रहा है कि अमित चौधरी जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इसी तरह मोतीलाल नेहरू वार्ड से सुरेंद्र सिंह, राजू गांधी की भी भाजपा में जाने की चर्चा तेज है। पिछले चुनाव में महिला सीट होने से उनकी पत्नी चरणजीत कौर ने चुनाव जीता था। राजू गांधी 2022 विधानसभा चुनाव में कैंट से सपा के उम्मीदवार थे, जिन्हें भाजपा उम्मीदवार बृजेश पाठक ने हराया था। वैसे तो पिछले चुनाव में भी राजू गांधी की भाजपा में जाने को लेकर चर्चा थी लेकिन बाद में सपा से ही उनकी पत्नी ने चुनाव लड़ा और जीती। हालांकि राजू गांधी ने इन चर्चाओं का खंडन किया है।
इस्माइल गंज वार्ड से पार्षद रह चुके आरपी सिंह भी अपनी पत्नी नीतू सिंह के लिए भाजपा से टिकट मांगने में लगे हैं। पिछली बार सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित होने से उन्होंने अपने सहयोगी समीर पाल को मैदान में उतारकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दिलाई थी। हालांकि कुछ समय बाद आरपी सिंह भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा से टिकट ना मिलने पर कई पदाधिकारी आम आदमी पार्टी की तरफ भी नजर गड़ाए बैठे हैं। भाजपा की नज़र अम्बेडकर नगर वार्ड से सपा के निवर्तमान पार्षद रईस और गढ़ीपीर खां वार्ड से सपा के निवर्तमान पार्षद अयाजुर रहमान पर भी है। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक निर्दलीय निवर्तमान पार्षद भी भाजपा से संपर्क में हैं।

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