लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के सिलसिले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से किसी का भी उससे या उसकी युवा शाखा बजरंग दल से कोई संबंध नहीं है। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अहमद और उसके भाई की हत्या में बजरंग दल की संलिप्तता के आरोपों को खारिज करते हुए विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि उनका संगठन (विहिप) और बजरंग दल कानून और संविधान के दायरे में काम करता है।
आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, हमने पूरी छानबीन की है। तीनों आरोपियों में से किसी का भी विश्व हिंदू परिषद या बजरंग दल से कोई संबंध नहीं है। जो बात फैलाई जा रही है वह झूठ है। उन्होंने कहा, कानून अपने हाथ में लेना हमारी सोच कभी नहीं रही। हमें विश्वास है कि जांच के दौरान सच सामने आ जाएगा।
गौरतलब है कि माफिया डॉन अतीक अहमद (60) और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात तीन लोगों ने उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी। जब पुलिसकर्मी दोनों भाइयों को मेडिकल जांच के लिए प्रयागराज में अस्पताल ले जा रहे थे। उसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अतीक और अशरफ की हत्या में शामिल तीनों शूटरों के नाम लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य है। तीनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। तीनों को पहले नैनी जेल में रखा गया था। वहीं अब तीनों को प्रतापगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

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